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अखिलेश खुद भ्रष्टाचार के सागर में, उन पर क्या कहें:प्रयागराज में जलभराव पर सपा प्रमुख के पोस्ट पर महापौर का तीखा जवाब

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 20 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
अखिलेश खुद भ्रष्टाचार के सागर में, उन पर क्या कहें:प्रयागराज में जलभराव पर सपा प्रमुख के पोस्ट पर महापौर का तीखा जवाब

प्रयागराज में तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश ने प्रयागराज की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोलने के साथ ही नगर निगम की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी पार्षदों से लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव तक ने यहां के हालात को लेकर सवाल खड़े करते हुए तमाम आरोप लगाए हैं।

इस पर महापौर गणेश प्रसाद केसरवानी ने तीखा पलटवार किया है। कहा है कि अखिलेश खुद भ्रष्टाचार के सागर में डूबे हैं और ऐसे लोगों पर क्या कहें। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में विरोधी दल के नेताओं की ओर से इस तरह की टिप्पणियां उनके राजनीतिक दृष्टिकोण को दिखाती हैं।

फिलहाल उन्होंने यह भी साफ किया है कि जो भी स्थिति बनी है, इसमें कोई लापरवाही है तो जिम्मेदारी जरूर तय होगी। अति वर्षा से चुनौती बढ़ी, व्यवस्था फेल नहीं हुई महापौर ने कहा कि पिछले चार-पांच दिनों में रिकॉर्ड बारिश हुई है। इतनी अधिक बारिश में जल निकासी व्यवस्था पर अचानक बहुत अधिक दबाव बढ़ गया।

उन्होंने बताया कि कई पुराने और जर्जर नालों की दीवारें तक पानी के दबाव में गिर गईं। इससे जल निकासी प्रभावित हुई और कई इलाकों में पानी जमा हो गया। उन्होंने बाघंबरी रोड का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां दो सीवर लाइन के चैंबर बैठ गए। एक को ठीक कराया गया तो दूसरा फिर बैठ गया। इसे ठीक कराने में दो-तीन दिन लगे।

महापौर के मुताबिक पानी का दबाव इतना अधिक था कि पुराने नालों में भी कई जगह क्षति पहुंची। उन्होंने कहा कि पंपिंग स्टेशन पूरी क्षमता से चल रहे हैं। उनकी क्षमता बढ़ाने के साथ जरूरत के मुताबिक नए पंप भी लगाए जा रहे हैं।

पानी के तेज बहाव में कपड़े और अन्य कचरा सीवर लाइनों में फंसने से भी निकासी प्रभावित होती है, जिसे लगातार साफ कराया जा रहा है।

जलभराव वाले इलाकों का इतिहास पुराना है यह पूछे जाने पर कि क्या रिकॉर्ड बारिश के लिए नगर निगम के पास पर्याप्त योजना नहीं थी, महापौर ने कहा कि तैयारी की गई थी, लेकिन जिन इलाकों में सबसे अधिक जलभराव हुआ है, वे पहले से ही जलभराव वाले क्षेत्र रहे हैं।

उन्होंने कहा कि टैगोर टाउन, अल्लापुर, जॉर्ज टाउन और लिडिल रोड जैसे इलाके कटोरे की तरह हैं। शहर के कई हिस्सों का पानी बहकर इन्हीं क्षेत्रों में पहुंचता है। सड़क का पानी भी ढलान के कारण इन्हीं इलाकों में जमा होता है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए पहले ही पंपिंग स्टेशनों की क्षमता बढ़ाई गई थी और बड़े पंप लगाए गए थे।

इसके बावजूद लगातार होती रही भारी बारिश ने चुनौती और बढ़ा दी। ‘लापरवाही मिली तो जिम्मेदारी तय होगी’ महापौर ने साफ कहा कि नगर निगम इस समय राहत और जल निकासी के लिए पूरी क्षमता से काम कर रहा है, लेकिन अगर जांच में अधिकारियों के स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई होगी।

उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी तय करने में किसी को संदेह नहीं होना चाहिए। मैंने बुधवार को अधिकारियों की बैठक में दिनभर की प्रगति की समीक्षा भी की है। खुद लगातार फील्ड में हूं और जल निकासी की स्थिति का जायजा ले रहा हूं।

नालों की सफाई पर उठे सवालों का भी दिया जवाब जलभराव के बीच नालों की सफाई को लेकर भी नगर निगम पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कुछ पार्षदों का आरोप है कि इस बार नालों की सफाई का काम एक ही एजेंसी को दिया गया, जबकि पहले अलग-अलग नालों के लिए अलग-अलग टेंडर होते थे। आरोप यह भी है कि नालों की सफाई पर्याप्त ढंग से नहीं हुई।

इस पर महापौर ने कहा कि नगर निगम में नालों की सफाई के लिए अलग-अलग समय पर अलग-अलग व्यवस्थाएं अपनाई जाती रही हैं। कभी टेंडर के जरिए तो कभी मैनपॉवर के माध्यम से नालों की सफाई कराई जाती है। उनके मुताबिक इस बार भी पहले से सफाई की व्यवस्था की गई थी।

हालांकि उन्होंने माना कि बारिश के दौरान जो कमियां सामने आई हैं, उन्हें दूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट से नगर निगम को कई चीजें सीखने का मौका मिला है और आगे जलभराव का स्थायी समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।

बख्शी बांध के पास नाले पर अतिक्रमण मिला महापौर ने फील्ड निरीक्षण के दौरान सामने आई एक और समस्या का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बख्शी कब्रिस्तान और रेलवे लाइन के आसपास एक नाले पर कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर लिया था। निरीक्षण के दौरान उन्हें पता चला कि वहां पानी ठीक से नाले में नहीं जा पा रहा था।

इसके बाद नाले की सफाई कराई गई और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कराई गई। महापौर ने कहा कि ऐसे स्थानों को मौके पर देखने के बाद ही वास्तविक समस्या सामने आती है। इस नाले के खुलने से आसपास के इलाकों का पानी आसानी से निकलने की उम्मीद है।

प्रभावितों को राहत दिलाने का होगा प्रयास बारिश के कारण लोगों के घरेलू सामान और दूसरे सामान के नुकसान को लेकर भी महापौर ने मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वह जिलाधिकारी के स्तर पर इस मामले को उठाएंगे और शासन से भी मांग करेंगे कि अति वर्षा के कारण जिन लोगों को नुकसान हुआ है, उनकी मदद की जाए।

उन्होंने कहा कि जलभराव के कारण हुए नुकसान का आकलन कराकर प्रभावित लोगों को राहत दिलाने के लिए प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम अपनी पूरी क्षमता के साथ लोगों को राहत पहुंचाने में जुटा है।

रात-दिन अधिकारी और कर्मचारी फील्ड में काम कर रहे हैं। ‘पुरानी तस्वीरें उठाकर देखिए, इन्हीं इलाकों में जलभराव होता था’ महापौर ने कहा कि प्रयागराज में जलभराव की समस्या नई नहीं है। पुराने रिकॉर्ड और तस्वीरें देखने पर भी इन्हीं इलाकों में जलभराव नजर आता है।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि समस्या हमेशा बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट से सीख लेकर नगर निगम जलभराव का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में काम करेगा।

उनके मुताबिक अभी प्राथमिकता पानी निकालने और लोगों को राहत पहुंचाने की है, इसके बाद उन कारणों की समीक्षा की जाएगी जिनकी वजह से इस बार हालात चुनौतीपूर्ण हुए।

📡 स्रोत: NewsData.io

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