भोपाल

अक्षय हॉस्पिटल में आयुष्मान योजना की जांच में मिलीं कई अनियमितताएं, भुगतान रोका, कारण बताओ नोटिस जारी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 10 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति

भोपाल, 10 सितंबर। आयुष्मान भारत निरामयम् योजना के तहत चार इमली स्थित अक्षय हॉस्पिटल के निरीक्षण में कई अनियमितताएं सामने आने के बाद राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने अस्पताल का आयुष्मान योजना के तहत भुगतान रोक दिया है। अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ ही नए मरीजों का आयुष्मान योजना के अंतर्गत पंजीयन भी रोक दिया गया है। अस्पताल के खिलाफ निलंबन या डी-एम्पैनलमेंट की कार्रवाई को लेकर नियमानुसार प्रक्रिया शुरू की गई है।

आयुष्मान भारत की टीम ने अस्पताल में भर्ती मरीजों, चिकित्सकीय एवं नर्सिंग स्टाफ तथा योजना के तहत उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान आईसीयू में ऐसे मरीज भी भर्ती मिले, जिनकी स्थिति के अनुसार उन्हें आईसीयू में भर्ती रखने की आवश्यकता प्रतीत नहीं हुई। कुछ मरीज सामान्य और स्थिर स्थिति में पाए गए, बावजूद इसके वे आईसीयू में भर्ती थे।

निरीक्षण में अस्पताल के चिकित्सकीय और नर्सिंग स्टाफ की व्यवस्था भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। टीम को अस्पताल में BHMS डॉक्टर कार्यरत मिले। वहीं कुछ नर्सिंग स्टाफ ऐसे पाए गए, जो B.Sc. Nursing के विद्यार्थी हैं और उनका पाठ्यक्रम अभी पूरा नहीं हुआ है। आयुष्मान योजना के निर्धारित मानकों के अनुसार पात्र एवं आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना अस्पताल की जिम्मेदारी है।

जांच के दौरान आयुष्मान योजना के तहत उपचार करा रहे कुछ हितग्राहियों से ब्लड और विभिन्न जांचों के लिए राशि लिए जाने की स्थिति भी सामने आई। योजना के निर्धारित पैकेज में शामिल सेवाओं के लिए हितग्राहियों से अतिरिक्त राशि लिया जाना नियमानुसार उचित नहीं है।

आईसीयू में भर्ती मरीजों से संबंधित दस्तावेजों और जांच रिपोर्टों की भी जांच की गई। इस दौरान एक्स-रे रिपोर्ट उपलब्ध नहीं होने की जानकारी सामने आई। निरीक्षण में मिली इन कमियों और अनियमितताओं को देखते हुए अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी, आयुष्मान भारत निरामयम्, मध्यप्रदेश अरविंद शाह ने कहा कि योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण और कैशलेस उपचार उपलब्ध कराना अनिवार्य है। अनावश्यक आईसीयू भर्ती, निर्धारित मानकों के अनुरूप चिकित्सकीय एवं नर्सिंग स्टाफ की उपलब्धता नहीं होना और हितग्राहियों से अनुचित राशि वसूलने जैसी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि आयुष्मान योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अस्पतालों की नियमित निगरानी की जा रही है। निरीक्षण में सामने आई अनियमितताओं के आधार पर अक्षय हॉस्पिटल के विरुद्ध निलंबन या डी-एम्पैनलमेंट की कार्रवाई के संबंध में नियमानुसार प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। फिलहाल अस्पताल का आयुष्मान योजना के तहत भुगतान रोक दिया गया है।

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि आयुष्मान योजना के पात्र हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और कैशलेस उपचार उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। योजना के नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित अस्पतालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

अक्षय हॉस्पिटल में आयुष्मान भारत निरामयम् योजना के तहत हुई जांच में अनियमितताएं पाई गईं, जिससे राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने भुगतान रोक दिया और नए मरीजों का पंजीयन बंद कर दिया। यह विषय अस्पताल की योजना के अनुपालन और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की विश्वसनीयता से जुड़ा है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि सरकार योजना के नियमों का सख्ती से पालन कर रही है और किसी भी अनियमितता को तुरंत सुधारने का प्रयास कर रही है। आम जनता पर असर यह हो सकता है कि अस्पताल में आयुष्मान लाभ लेने वाले रोगियों को अस्थायी

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।