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AKTU में यूपी स्टार्टअप संवाद-3.0:राज्यपाल ने इनोवेशन को बाजार तक पहुंचाने पर दिया जोर, 20 करोड़ के निवेश के मिले ऑफर

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 8 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
AKTU में यूपी स्टार्टअप संवाद-3.0:राज्यपाल ने इनोवेशन को बाजार तक पहुंचाने पर दिया जोर, 20 करोड़ के निवेश के मिले ऑफर

लखनऊ में मंगलवार को AKTU में यूपी स्टार्टअप संवाद-3.0 का आगाज हुआ। कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि आज जरूरत केवल नए विचार पैदा करने की नहीं है। इन विचारों को बाजार तक, प्रोटोटाइप से उत्पाद तक और नवाचार से सफल उद्यम तक पहुंचाना जरूरी है। छात्रों को नौकरी तलाशने के बजाय समस्याओं का समाधान करने वाले उत्पाद बनाने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर जोर देना चाहिए।

डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) के इनोवेशन हब फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में 100 से अधिक स्टार्टअप और 30 से ज्यादा निवेशक शामिल हुए। चुनिंदा स्टार्टअप में निवेशकों ने 20 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के ऑफर दिए। राज्यपाल ने स्टार्टअप प्रदर्शनी के विभिन्न स्टॉल का दौरा किया और युवाओं से उनके उत्पाद और इनोवेशन की जानकारी ली।

उन्होंने स्टार्टअप्स को जरूरी सुझाव भी दिए। गांवों और छोटे शहरों की प्रतिभा को मिले मंच राज्यपाल ने कहा कि नवाचार केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं होना चाहिए। गांवों और छोटे शहरों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत उन्हें सही मंच देने की है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित नहीं रख रहा है, बल्कि नवाचार और उद्यमिता को भी बढ़ावा दे रहा है।

उन्होंने छात्रों से कहा कि वे केवल यह न सोचें कि पढ़ाई के बाद नौकरी कहां मिलेगी। इसके बजाय ऐसी समस्याओं की पहचान करें, जिनका समाधान तकनीक और नए उत्पादों से किया जा सके। इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। 15 करोड़ की नीति लॉन्च कार्यक्रम में AKTU की स्टूडेंट, फैकल्टी, इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप पॉलिसी 2026-31 का विमोचन किया गया।

इसके तहत 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। स्टूडेंट आइडिया को प्रोटोटाइप और आगे स्टार्टअप में बदलने के लिए आर्थिक मदद दी जाएगी। स्टूडेंट इनोवेशन के लिए एक लाख रुपये, ग्रासरूट इनोवेटर्स के लिए 50 हजार और स्कूल स्तर के आइडिया के लिए 20 हजार रुपये तक की सहायता का प्रावधान है। इसके साथ ही इनोवेशन फॉर सोशल गुड एंड बेटर भारत पहल की भी शुरुआत की गई।

कलाम पेटेंट सेंटर का लोकार्पण राज्यपाल ने बटन दबाकर कलाम पेटेंट सेंटर का लोकार्पण किया। सेंटर के शुरू होने से स्टार्टअप, शिक्षक और छात्रों को अपने नवाचार, शोध और अनुसंधान के पेटेंट कराने में निशुल्क मदद मिलेगी। इसके अलावा विश्वविद्यालय से जुड़े सभी इन्क्युबेशन सेंटर को एक प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए इनोवेशन हब यूपी पोर्टल लॉन्च किया गया।

पोर्टल पर इन्क्युबेशन सेंटर और उनमें पंजीकृत स्टार्टअप की जानकारी उपलब्ध होगी। सेंटरों की गतिविधियों और कार्यक्रमों की जानकारी भी साझा की जाएगी। AI से डिफेंस तक स्टार्टअप का प्रदर्शन स्टार्टअप एक्सपो में AKTU के 50 से अधिक इन्क्युबेशन सेंटर से जुड़े स्टार्टअप ने अपने उत्पाद प्रदर्शित किए।

एक्सपो में AI, एग्रीटेक, हेल्थ टेक, डीप टेक, मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिक वाहन, क्लीन टेक, एडटेक, फिनटेक, डिफेंस और रोबोटिक्स से जुड़े स्टार्टअप शामिल रहे। इन्क्युबेशन सेंटरों ने अपनी सुविधाओं, स्टार्टअप पोर्टफोलियो और उपलब्ध सेवाओं की जानकारी दी। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले इन्क्युबेशन सेंटर को इन्क्युबेटर एक्सीलेंस अवार्ड दिए गए।

वहीं, AKTU Incubator Award-2026 भी प्रदान किए गए। निवेशकों और स्टार्टअप के बीच सीधा संवाद इन्वेस्टर्स स्टार्टअप कनेक्ट के तहत निवेशकों ने स्टार्टअप संचालकों से उनके उत्पाद, कारोबार और भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली। निवेश को लेकर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में Invest CSR Box, Sanchi Connect, Tally Solutions और Rapider Cloud Solutions के साथ एमओयू किए गए।

अटल इनोवेशन मिशन के निदेशक डॉ.

दीपक बागला ने कहा कि देश में अटल टिंकरिंग लैब के जरिए बच्चों में नवाचार की सोच विकसित की जा रही है। उत्तर प्रदेश तेजी से नवाचार और उद्यमिता का मजबूत इकोसिस्टम तैयार कर रहा है। AKTU के कुलपति प्रो.

जेपी पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए लगातार नए कदम उठा रहा है। वन डिस्ट्रिक्ट, वन इन्क्युबेशन सेंटर के तहत प्रदेश में इनोवेशन को गति दी जा रही है। ये भी रहे मौजूद कार्यक्रम में प्राविधिक शिक्षा विभाग की महानिदेशक एवं सचिव सेल्वा कुमारी जे, एमडी यूपीएलसी हिमांशु कौशिक, प्रतिकुलपति प्रो.

राजीव कुमार, वित्त अधिकारी केशव सिंह, डीबीटी के संजय मिश्रा, इनोवेशन हब के सीईओ महीप सिंह, सीआईओ वंदना शर्मा समेत सरकारी विभागों, उद्योग, एमएसएमई, उद्योग संघों, शिक्षण संस्थानों, शोधकर्ताओं और छात्रों ने हिस्सा लिया।

📡 स्रोत: NewsData.io

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