अल्बानिया में विरोध प्रदर्शन पर भिड़े शिवसेना नेता, राउत के बयान पर प्रियंका का पलटवार
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
अल्बानिया में स्टूडेंट प्रोटेस्ट को लेकर शिवसेना नेता (UBT) के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है. जहां एक तरफ संजय राउत ने सुझाव दिया है कि भारत को इस अशांति से सबक लेना चाहिए.
वहीं, उनकी पार्टी के सहयोगी प्रियंका चतुर्वेदी ने डेमोक्रेटिक संस्थाओं को निशाना बनाने वाले हिंसक प्रदर्शन से किसी भी तरह की तुलना को खारिज कर दिया है.
राउत ने अपने एक्स पोस्ट में कहा है कि अल्बानिया के लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में आग लगा दी, क्योंकि वह भ्रष्ट प्रधानमंत्रियों की मदद कर रहा था.
उन्होंने कहा है कि प्रदर्शन कर रही जनता ने संसद, सरकारी दफ्तरों और मंत्रियों के घरों पर हमला किया है. सभी देशों को इन घटनाओं से सबक लेना चाहिए. खासकर भारत को.
अल्बानियात लोकांनी सर्वोच्च न्यायालय जाळून टाकले. सर्वोच्च न्यायालय भ्रष्ट पंतप्रधानांना मदत करत असल्याने लोक भडकले होते.
आंदोलक जनतेने संसद आणि सरकारी कार्यालयांवर,मंत्र्यांच्या घरांवर देखील हल्ले केले आहेत. सर्व देशांनी या घटनांपासून धडा घेतला पाहिजे. विशेषतः 🇮🇳 https://t.co/3JSMJCMjXA
Sanjay Raut (@rautsanjay61) October 19, 2026
प्रियंका चतुर्वेदी बोलीं- भारत को किसी से नहीं सीखना
वहीं, इस तरह की टिप्पणी को प्रियंका चतुर्वेदी ने पूरी तरह खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा है कि भारत को किसी अन्य देश से सीखने की जरूरत नहीं है.
उन्होंने कानून हाथ में लेने और संस्थाओं को अस्थिर करने को लेकर भी चेतावनी दी.
उन्होंने न्यूज एजेंसी ANI से कहा है कि भारत को किसी दूसरे देश से सीखने की जरूरत नहीं है.
अल्बानिया एक छोटा देश है, इसने सालों तक कम्युनिस्ट तानाशाही झेली है.
#WATCH | Delhi | On Shiv Sena (UBT) MP Sanjay Rau
📡 स्रोत: ABP Live