भोपाल

अल्पना सिनेप्लेक्स मामले में 15 सितंबर को कलेक्टर कोर्ट में सुनवाई, दस्तावेजों के आधार पर तय होगी आगे की कार्रवाई, देखें वीडियो

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 11 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति

भोपाल। राजधानी के हमीदिया रोड स्थित अल्पना सिनेप्लेक्स, जिसे पहले बैकुंठ थिएटर के नाम से जाना जाता था, से जुड़े जमीन और भवन के विवाद में प्रशासनिक स्तर पर सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। सुप्रीम कोर्ट से संबंधित याचिका खारिज होने के बाद मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के अनुरूप प्रशासन मामले में आगे की कार्रवाई कर रहा है।

यह विवाद अल्पना सिनेप्लेक्स की जमीन और उस पर बनी संपत्ति से जुड़े लीज अधिकारों को लेकर लंबे समय से चला आ रहा है। मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बेदखली और सरकारी लीज की शर्तों से जुड़े पहलुओं पर आदेश पारित किया था। हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर विशेष अनुमति याचिका भी खारिज हो चुकी है।

अब प्रशासन ने मामले को कलेक्टर कोर्ट में आगे बढ़ाया है। जानकारी के अनुसार अगली सुनवाई 15 सितंबर को निर्धारित है। इस दौरान संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने, लिखित जवाब प्रस्तुत करने और जमीन तथा लीज से जुड़े दस्तावेज पेश करने का अवसर दिया गया है।

प्रशासन की ओर से मामले में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का पालन करते हुए संबंधित पक्ष को सुनवाई का अवसर दिया जा रहा है। 15 सितंबर को प्रस्तुत होने वाले जवाब और दस्तावेजों के आधार पर जमीन के स्वामित्व, लीज की शर्तों और संबंधित दावों की जांच की जाएगी।

दस्तावेजों की जांच के बाद ही प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई को लेकर निर्णय लिया जाएगा। यदि संबंधित पक्ष अपने दावों के समर्थन में पर्याप्त और वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाता है, तो नियमानुसार प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल मामले में किसी तत्काल कार्रवाई को अंतिम नहीं माना जा सकता। 15 सितंबर की सुनवाई और उसके बाद सामने आने वाले दस्तावेजों तथा कानूनी स्थिति के आधार पर ही अल्पना सिनेप्लेक्स को लेकर प्रशासन का अगला कदम स्पष्ट होगा।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

अल्पना सिनेप्लेक्स के जमीन और भवन विवाद पर 15 सितंबर को कलेक्टर कोर्ट में सुनवाई होगी, जिससे यह स्पष्ट होगा कि आगे क्या कदम उठाए जाएंगे। यह विषय महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दर्शाता है कि प्रशासनिक न्यायिक प्रक्रिया में कैसे आगे बढ़ा जा रहा है, खासकर जब सुप्रीम कोर्ट की याचिका खारिज हो गई है। इस सुनवाई से यह तय होगा कि सिनेप्लेक्स के मालिकों और स्थानीय निवासियों के बीच का विवाद सुलझेगा या नहीं। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि यदि निर्णय अनुकूल हो तो सिनेप्लेक्स फिर से खुल सकता है, जिससे रोजगार

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।