अम्बेडकर सेतु की खामियों पर सख्ती, मरम्मत का पूरा खर्च ठेकेदार से वसूलेगा PWD
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भोपाल के अम्बेडकर सेतु की निर्माण गुणवत्ता और संधारण में सामने आई खामियों को लेकर लोक निर्माण विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग के मुताबिक फ्लाईओवर की मरम्मत और संधारण पर होने वाला पूरा खर्च संबंधित ठेकेदार संस्था मेसर्स वी.के.एस.सी. इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड से अनुबंध की शर्तों के तहत वसूला जाएगा।
वास्तविक मरम्मत लागत के साथ 20 प्रतिशत क्षतिपूर्ति भी ठेकेदार से ली जाएगी, जिससे विभाग पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। 31 दिसंबर 2024 को निर्मित अम्बेडकर सेतु की दोष दायित्व अवधि 30 दिसंबर 2029 तक है। बारिश के दौरान बियरिंग कोट में खराबी के साथ ड्रेनेज स्पाउट और रेनवॉटर पाइप चोक व क्षतिग्रस्त मिले।
इसके अलावा एक्सपेंशन जॉइंट से पानी का रिसाव, सर्विस रोड पर जलभराव और गड्ढों जैसी समस्याएं भी सामने आईं। विभाग ने 31 जुलाई और 11 अगस्त 2026 को ठेकेदार को कमियां दूर करने के निर्देश दिए, लेकिन तय समय में सुधार कार्य पूरा नहीं किया गया। इसके बाद विभाग ने 4.69 करोड़ रुपये की निविदा आमंत्रित की थी।
हालांकि ठेकेदार की याचिका पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने फिलहाल नई निविदा प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए ठेकेदार संस्था को सभी कमियां दूर कर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। लापरवाही के चलते ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने का कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है, जिसका जवाब विभागीय स्तर पर परीक्षणाधीन है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और खराब या गुणवत्ताहीन काम स्वीकार नहीं होगा।