अम्बेडकरनगर में सास की हत्या में दामाद को उम्रकैद:वैवाहिक विवाद में कोर्ट ने आरोपी को उम्रकैद और 1 लाख जुर्माना लगाया
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →अम्बेडकरनगर के सम्मनपुर थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव में वैवाहिक विवाद के चलते सास की चाकू से गोदकर हत्या करने के मामले में अदालत ने आरोपी दामाद को सोमवार को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सत्र न्यायाधीश चंद्रोदय कुमार की अदालत ने आरोपी राकेश तिवारी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जुर्माने की 80 प्रतिशत राशि मृतका के परिजनों को मुआवजे के रूप में देने का आदेश दिया गया है। अभियोजन के अनुसार अयोध्या जिले के दर्शननगर क्षेत्र के असापुर तेलइया निवासी राकेश तिवारी की शादी शालिनी उपाध्याय से हुई थी। वैवाहिक विवाद के चलते शालिनी पति से अलग होकर अपनी मां निर्मला देवी के साथ सिकंदरपुर स्थित मायके में रह रही थी।
दहेज को लेकर विवाद बढ़ने पर शालिनी ने महिला थाने में पति समेत ससुराल पक्ष के कई लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। व्हाट्सएप पर दिया था जवाब देने का दबाव घटना से पहले राकेश ने शालिनी के मोबाइल पर व्हाट्सएप संदेश भेजकर साथ रहने या तलाक लेने के संबंध में फैसला करने का दबाव बनाया था।
उसने 10 जनवरी तक जवाब देने को कहा था। साथ ही परिवार को नुकसान पहुंचाने और आत्महत्या करने की धमकी भी दी थी। बचाव करने पहुंची सास पर चाकू से किए कई वार 11 जनवरी 2025 की रात करीब एक बजे राकेश घर में दाखिल हुआ। शालिनी के मुताबिक, आरोपी ने चाकू दिखाकर उसका मुंह दबाया और दाहिने हाथ पर वार कर दिया।
शोर सुनकर उसकी मां निर्मला देवी बचाव के लिए पहुंचीं तो आरोपी ने शालिनी को छोड़कर उन पर हमला कर दिया। उसने निर्मला देवी की गर्दन, पेट समेत शरीर के कई हिस्सों पर चाकू से वार किए। गंभीर चोटों के कारण निर्मला देवी की मौत हो गई। गवाही और चिकित्सकीय साक्ष्य बने अहम आधार मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपी को वैवाहिक विवाद में फंसाने और घटना के समय अयोध्या में मौजूद होने का तर्क दिया।
अदालत ने शालिनी की गवाही, चिकित्सकीय साक्ष्य और बरामदगी से जुड़े साक्ष्यों को हत्या के आरोप की पुष्टि के लिए पर्याप्त माना। इसके आधार पर राकेश तिवारी को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
📡 स्रोत: NewsData.io