अम्बिकापुर में आयोजित हुई समान नागरिक संहिता पर बैठक
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सरगुजा, 10 अक्टूबर 2026
अम्बिकापुर में समान नागरिक संहिता पर आयोजित बैठक में सरगुजा संभाग के पांच जिलों के एक हजार से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और लिव-इन संबंधों जैसे मुद्दों पर विचार और सुझाव रखे गए। समिति के सदस्यों ने बताया कि सभी सुझावों का अध्ययन करने के बाद समान नागरिक संहिता का प्रारूप तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। नागरिक वेबसाइट के माध्यम से भी अपने सुझाव दे सकते हैं।
इस बैठक में सरगुजा संभाग के अंतर्गत आने वाले पांचों जिलों-सरगुजा, बलरामपुर-रामानुजगंज, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर एवं कोरिया के विभिन्न समाजों और संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इसमें पंडो समाज, उरांव समाज, सर्व आदिवासी समाज, गोंड समाज, केवट समाज, नगेशिया समाज, बिंझिया समाज, पनिका समाज, यादव समाज, ब्राह्मण समाज, स्वर्णकार समाज, रोमन कैथोलिक समाज, मझवार समाज, रजवार समाज, साहू समाज, चेरवा समाज, मुण्डा समाज, चिक समाज, मुस्लिम सुन्नी समाज, अंजुमन इस्लामिया कमिटी, सर्व पिछड़ा वर्ग समाज, रौनियार समाज और राजपूत समाज सहित विभिन्न संगठनों के लोगों ने लिखित एवं मौखिक रूप से अपने अभिमत प्रस्तुत किए।
समिति ने नागरिकों और संगठनों से अपील की है कि जो लोग इस बैठक में शामिल नहीं हो पाए हैं, वे ऑनलाइन माध्यम से भी अपने सुझाव साझा कर सकते हैं। अपने विचार भेजने के लिए आधिकारिक वेबसाइटucc.cgstate.gov.inया ई-मेल ucc-chhattisgarh@cg.gov.in का उपयोग किया जा सकता है।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
समान नागरिक संहिता (SC) वह कानून है जो सभी धर्मों और वर्गों के लोगों के लिए विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और लिव-इन रिश्तों के नियमों को एकसमान बनाता है। यह बैठक सरगुजा के पाँच जिलों के एक हजार से अधिक प्रतिनिधियों के साथ हुई, जहाँ उन्होंने इन विषयों पर सुझाव साझा किये। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि SC का निर्माण भारत की सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे धार्मिक भेदभाव कम होगा और कानूनी प्रक्रियाएँ सरल होंगी। यदि SC लागू होती है, तो आम जनता को कानूनी अस्पष्टताओं से मु