अमेरिका का हिज्बुल्लाह पर बड़ा एक्शन, घोषित किया प्रॉक्सी संगठन, 10 लोगों पर क्यों लगाया बैन?

US Against Hezbollah: ईरान से तनाव के बीच अमेरिका ने आतंकी संगठन हिज्बुल्लाह पर बड़ा एक्शन लिया है. ट्रंप प्रशासन ने गुरुवार को हिजबुल्लाह पर नए प्रतिबंध लगाए हैं. अमेरिका ने हिजबुल्लाह को ईरान का प्रॉक्सी संगठन भी घोषित किया है. अमेरिकी वित्त विभाग ने 10 लोगों पर प्रतिबंध लगाए हैं.
इन लोगों पर हिजबुल्लाह तक बड़ी मात्रा में नकदी पहुंचाने वाले नेटवर्क का हिस्सा होने का आरोप है. वित्त विभाग के मुताबिक, यह नेटवर्क लेबनान, तुर्की, यूएई और ईरान के बीच यात्रा करने वाले लोगों की मदद से पैसे एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाता था. ये लोग कमर्शियल एयरलाइनों से यात्रा करते थे और अपने साथ बड़ी रकम ले जाते थे.
हवाई यात्रा से करते थे फंडिंग अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने बताया कि यह नेटवर्क लेबनान, तुर्की, यूएई और ईरान के बीच हवाई यात्रा करने वाले लोगों के जरिए करोड़ों डॉलर की रकम एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाता था.
इस तरीके से हिजबुल्लाह को बैंकिंग व्यवस्था से बाहर विदेशी मुद्रा मिलती थी और वह अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में कामयाब होता था. यह भी पढ़ें: बांग्लादेश के नए राष्ट्रपति बने फखरुल इस्लाम आलमगीर, जानें भारत के कितने करीब क्यों प्रॉक्सी संगठन किया घोषित?
सीएनएन के मुताबिक, अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि हिजबुल्लाह को ईरान का प्रॉक्सी संगठन घोषित करने का मकसद यह साफ करना है कि वह ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स-कुद्स फोर्स (IRGC-QF) के लिए काम करता है. अधिकारी ने कहा कि हिजबुल्लाह अपने दम पर काम करने वाला संगठन नहीं है.
हिजबुल्लाह को आंतकी संगठन घोषित कर चुका है यूएस सीएनएन के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि यह फैसला इस बात को साफ करता है कि हिजबुल्लाह के सैन्य अभियान, बाहरी सुरक्षा से जुड़ी गतिविधियां और फंडिंग नेटवर्क ईरान की आईआरजीसी-क्यूएफ के इशारे पर काम करते हैं.
अधिकारी ने कहा कि हिजबुल्लाह को सिर्फ लेबनान का प्रतिरोध संगठन नहीं माना जा सकता, बल्कि यह ईरान के सीमा-पार अभियान का हिस्सा है. अमेरिका पहले से ही हिजबुल्लाह और आईआरजीसी-क्यूएफ, दोनों को आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है.
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📡 स्रोत: NewsData.io