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अमेरिका शांति वार्ता के लिए हुआ तैयार? ईरानी विदेश मंत्री अरागची को वॉशिंगटन से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 1 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
अमेरिका शांति वार्ता के लिए हुआ तैयार? ईरानी विदेश मंत्री अरागची को वॉशिंगटन से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया

US Iran Peace Deal: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर शांति वार्त को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं.

पहले न्यूयॉर्क में यूएन महासभा में अमेरिका ने ईरान के 7 दिवसीय प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. अब अमेरिका की तरफ से ईरान को सकारात्मक संकेत मिले हैं. रिपोर्ट्स में इसको लेकर खुलासा हुआ है.

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची को मंगलवार (29 सितंबर 2026) को अमेरिका की ओर से एक प्रस्ताव पर जवाब मिला.

यह जवाब कतर के मध्यस्थों के जरिए वॉशिंगटन और तेहरान के बीच भरोसा बढ़ाने के लिए तैयार की गई सात दिन की योजना को लेकर दिया गया.

मामले से जुड़े एक गैर-ईरानी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि दोनों पक्षों के बीच मुख्य विवाद यह है कि इन कदमों को किस क्रम में लागू किया जाए. क्या बोला ईरान?

ईरान ने बुधवार को कहा कि उसे खाड़ी में टूटे युद्धविराम को दोबारा लागू करने के अपने नए प्रस्ताव पर अमेरिका की प्रतिक्रिया मिल गई है.

यह प्रतिक्रिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रस्ताव खारिज किए जाने के कुछ दिनों बाद आई है.

ईरान के मुताबिक, अमेरिका के इराक से हटने के बाद उसे इस प्रस्ताव पर वॉशिंगटन का जवाब मिला है.

यह भी पढ़ें: पाकिस्तानी सेना का पूर्व SSG कमांडो हाशिम मूसा ढेर, परवेज मुशर्रफ की सुरक्षा में भी रह चुका था तैनात ट्रंप ने खारिज किया था प्रस्ताव अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा था कि उन्होंने ईरान के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है.

हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची का कहना था कि तेहरान को अमेरिका की ओर से प्रस्ताव खारिज किए जाने की कोई औपचारिक जानकारी नहीं मिली है.

बुधवार को ईरानी सरकार के प्रवक्ता ने X पर बताया कि अराकची ने अमेरिकी जवाब के बारे में सरकार को जानकारी दे दी है.

ईरान के मुताबिक, उसकी नई योजना का मकसद जून में हुए अंतरिम समझौते को फिर से लागू करना है.

यह समझौता ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान के बीच हुआ था, लेकिन कुछ ही हफ्तों बाद टूट गया.

पिछले सप्ताह कतर के मध्यस्थों ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र की बैठक के दौरान अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत कराई थी.

युद्धविराम टूटने के बाद दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच यह पहली सीधी और करीबी बातचीत थी. रिपोर्ट में क्या हुआ खुलासा?

बातचीत की जानकारी रखने वाले एक गैर-ईरानी अधिकारी ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर रॉयटर्स को बताया कि कतर के मध्यस्थों ने मंगलवार को अब्बास अराकची को अमेरिकी जवाब की जानकारी दी.

उस समय अराकची न्यूयॉर्क से लौटते हुए दोहा में रुके थे.

अधिकारी के मुताबिक, अमेरिका और ईरान प्रस्ताव में शामिल ज्यादातर जरूरी कदमों पर सहमत हैं.

हालांकि, इन कदमों को किस क्रम में लागू किया जाए, इसे लेकर दोनों देशों के बीच अभी भी मतभेद है.

ईरान ऐसे समझौते की मांग कर रहा है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसका नियंत्रण बना रहे.

यह दुनिया के प्रमुख तेल परिवहन मार्गों में से एक है और ईरान के तट के पास स्थित है.

इराक से अमेरिकी सेना ने किया पैकअप बुधवार को ईरान के सहयोगी देशों में अमेरिका के इराक से अपनी आखिरी सेना वापस बुलाने को लेकर जश्न का माहौल रहा.

इराक से अमेरिकी सैनिकों की वापसी को क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी कम होने के तौर पर देखा जा रहा है. इराक युद्ध के दौरान करीब 4,500 अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई थी.

वहीं, 2003 में अमेरिकी सेना ने तानाशाह सद्दाम हुसैन को सत्ता से हटा दिया था.

इसके बाद देश में फैली हिंसा और अराजकता के दौरान 2 लाख से ज्यादा इराकी नागरिकों की जान गई.

ईरान इस अमेरिकी वापसी को अपने सहयोगी सशस्त्र समूहों के लिए बड़ी उपलब्धि मान रहा है.

तेहरान लंबे समय से पश्चिम एशिया से अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी खत्म करने की मांग करता रहा है और इसे उसी दिशा में एक कदम के तौर पर देखता है.

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📡 स्रोत: NewsData.io

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