अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन को प्रवासियों को तीसरे देशों में भेजने की दी अनुमति
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सितंबर 30, नई दिल्ली: अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन को कुछ प्रवासियों को तीसरे देशों में डिपोर्ट करने की अनुमति दे दी है। कोर्ट के इस फैसले के बाद प्रशासन उन प्रवासियों को दूसरे देशों में भेज सकेगा, जिन्हें उनके मूल देश वापस नहीं भेजा जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट ने अमेरिकी न्याय विभाग की आपात अपील स्वीकार करते हुए बोस्टन के संघीय जज ब्रायन मर्फी के उस फैसले पर रोक लगा दी, जिसमें तीसरे देशों में डिपोर्टेशन की नीति को अवैध बताया गया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर दिसंबर में विस्तृत सुनवाई करेगा और इसके बाद अंतिम फैसला दिया जाएगा।
यह मामला ट्रंप प्रशासन की उस इमिग्रेशन नीति से जुड़ा है, जिसके तहत डिपोर्टेशन आदेश वाले उन प्रवासियों को तीसरे देशों में भेजा जा रहा है, जिन्हें सीधे उनके मूल देश नहीं भेजा जा सकता। प्रशासन का कहना है कि अवैध प्रवासियों को हटाने के लिए यह नीति जरूरी है।
वहीं, इमिग्रेंट राइट्स संगठनों ने आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया में प्रवासियों को पर्याप्त कानूनी सुरक्षा और सुनवाई का अवसर नहीं मिल रहा है। संगठनों ने चिंता जताई है कि इस फैसले के बाद कुछ प्रवासियों को ऐसे देशों में भेजे जाने का खतरा बढ़ सकता है, जहां उन्हें मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।
ट्रंप प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बड़ी जीत बताया है, जबकि प्रवासी अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठनों ने इस पर चिंता व्यक्त की है।
फ़ाइल फ़ोटो