अमेरिकी वीजा अपॉइंटमेंट पर दुनिया भर में रोक, H-1B विवाद के बीच ट्रंप प्रशासन का बड़ा फैसला

US Visa Appointments Pause: ट्रंप प्रशासन ने दुनिया भर में अमेरिकी वीजा के अपॉइंटमेंट पर रोक लगा दी है. अगर आप भी अमेरिका जाने का प्लान बना रहे हैं तो आपको इस खबर से झटका लग सकता है.
दरअसल, इमिग्रेशन पर ट्रंप प्रशासन की सख्ती के बीच अमेरिका ने दुनिया भर में सभी वीजा आवेदनों और अपॉइंटमेंट पर रोक लगा दी है. यह रोक ट्रंप प्रशासन की ओर से पाबंदियां और सख्त करने के कदम के तहत लगाई गई है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि स्टेट डिपार्टमेंट के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को कहा कि दुनिया भर में सभी अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में एक ग्लोबल ट्रेनिंग पहल शुरू की गई है और इस ट्रेनिंग के लिए वीजा सेवाओं के अपॉइंटमेंट में बदलाव किया जाएगा.
यूएस वीजा के लिए बदली जाएंगी इंटरव्यू की तारीखें बता दें कि वीजा अपॉइंटमेंट रोकने की बात तब सामने आई जब US दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में इंटरव्यू के लिए तय समय वाले आवेदकों को ईमेल मिले कि उनके अपॉइंटमेंट का समय बदला जा रहा है और उन्हें नई तारीख के बारे में बाद में सूचना दी जाएगी.
JUST IN: 🇺🇸 Trump administration pauses all immigrant visa applications worldwide. — Remarks (@remarks) August 26, 2026 H1-B वीजा फीस विवाद के बीच लगाई रोक ट्रंप प्रशासन ने दुनिया भर में सभी अमेरिकी वीजा अपॉइंटमेंट रद्द करने का यह फैसला H-1B वीजा के लिए 103,265 डॉलर की नई आवेदन फीस का प्रस्ताव रखने के एक दिन बाद लिया है.
बता दें कि H1-B वीजा एक नॉन-इमिग्रेंट वर्क वीजा है जो अमेरिकी कंपनियों को विदेशी कुशल कर्मचारियों को काम पर रखने की अनुमति देता है.
दरअसल, होमलैंड सिक्योरिटी विभाग का यह प्रस्ताव ट्रंप द्वारा पिछले साल H-1B वीजा की फीस बढ़ाकर 100,000 डॉलर करने की योजना की घोषणा के बाद आया है. हालांकि, राष्ट्रपति के इस आदेश पर इस साल जून में कोर्ट ने रोक लगा दी थी. उम्मीद है कि DHS का प्रस्ताव 30 दिन की पब्लिक कमेंट अवधि के बाद शुरू होगा.
ट्रंप प्रशासन की प्रवासियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने 2025 में दूसरी बार राष्ट्रपति पद संभालने के बाद से ही प्रवासियों के खिलाफ सख्ती बरतना शुरू कर दी.
अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही राष्ट्रपति ट्रंप ने अवैध प्रवासियों को बेड़ियों में बांधकर उनके देश भेजना शुरू कर दिया. तब सैकड़ों भारतियों को भी अमेरिका ने डिपोर्ट किया था.
इस कार्रवाई में वीजा और ग्रीन कार्ड रद्द करना और आवेदनों को नामंजूर करना भी शामिल है, जैसा कि गाजा में इजरायल की जंग के खिलाफ अमेरिका के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में फिलिस्तीन-समर्थक प्रदर्शनों के दौरान देखा गया था. ये भी पढ़ें: US Visa Rules Alert: भारतीय छात्रों को किन नियमों का रखना होगा ध्यान?
उल्लंघन किया तो होगी ये कार्रवाई | Explainer ट्रंप ने आईसीई के एजेंटों को दिया छापेमारी का आदेश राष्ट्रपति ट्रंप ने बड़े पैमाने पर लोगों को देश से निकालने और इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) के एजेंटों द्वारा छापेमारी करने का भी आदेश दिया है.
ट्रंप प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई की मानवाधिकार समूहों ने बड़े पैमाने पर निंदा की है; उनका कहना है कि यह भेदभावपूर्ण है और अभिव्यक्ति की आजादी व उचित कानूनी प्रक्रिया के अधिकारों का उल्लंघन करती है.
मानवाधिकार समूहों ने यह भी कहा कि इस कार्रवाई ने एक असुरक्षित माहौल बना दिया है, खासकर नस्लीय आधार पर भेदभाव की चिंताओं के बीच जातीय अल्पसंख्यकों के लिए भी हालात बिगड़ गए हैं. ये भी पढ़ें: अमेरिका बंद करने जा रहा वीजा से जुड़ा ये नियम, जानें क्या होगा भारतीय छात्रों पर इसका असर?
📡 स्रोत: NewsData.io