अमित शाह से रामदास आठवले ने मुलाकात की
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सितंबर 12, नई दिल्ली: केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री रामदास आठवले ने शनिवार को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से महत्वपूर्ण मुलाकात की। आठवले के साथ बौद्ध भिक्षुओं का एक प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद था। बैठक के दौरान बोधगया स्थित महाबोधि विहार के प्रबंधन और बोधगया मंदिर अधिनियम, 1949 से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
इस दौरान बौद्ध भिक्षुओं ने अपनी मांगों वाला एक ज्ञापन केंद्रीय गृह मंत्री को सौंपा।रामदास आठवले ने बताया कि भारत सहित दुनिया भर के बौद्ध अनुयायियों की लंबे समय से यह मांग रही है कि 1949 का अधिनियम पूरी तरह रद्द किया जाए और महाबोधि विहार का पूरा नियंत्रण तथा प्रबंधन बौद्ध समुदाय को सौंप दिया जाए।
गृहमंत्री अमित शाह ने भिक्षुओं की बातों को सुनने के बाद इस विषय का शीघ्र समाधान करने का आश्वासन दिया।आठवले ने कहा कि बोधगया वह पवित्र स्थल है जहां भगवान गौतम बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था। विश्व के करोड़ों बौद्धों की इस महातीर्थ से गहरी धार्मिक और आध्यात्मिक आस्था जुड़ी हुई है। बौद्ध समुदाय का मानना है कि अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों की तरह महाबोधि विहार के संचालन में भी बाहरी या प्रशासनिक हस्तक्षेप समाप्त होना चाहिए।
फोटो- केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री रामदास आठवलेसोर्स- एक्स (Ramdas Athawale)
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर बौद्ध धर्म के प्रमुख पवित्र स्थल महाबोधि विहार के प्रबंधन और बोधगया मंदिर अधिनियम, 1949 से संबंधित मुद्दों पर केंद्र सरकार के अधिकारियों के बीच चर्चा के इर्द-गिर्द घूमती है। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री रामदास आठवले और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के बीच हुई इस मुलाकात में बौद्ध भिक्षुओं के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगें रखीं। यह घटना महत्वपूर्ण है क्योंकि महाबोधि विहार विश्व धरोहर स्थल है और इसकी प्रशासनिक नीतियों में बदलाव से बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए धार्मिक