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अमित शाह पर टिप्पणी से भड़की हिमाचल BJP:कांग्रेस नेता खेड़ा पर FIR की मांग; जम्वाल बोले- केंद्रीय मंत्री को बौना-भगोड़ा और तड़ीपार कहा

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 24 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
अमित शाह पर टिप्पणी से भड़की हिमाचल BJP:कांग्रेस नेता खेड़ा पर FIR की मांग; जम्वाल बोले- केंद्रीय मंत्री को बौना-भगोड़ा और तड़ीपार कहा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक और अपमानजनक शब्दों के इस्तेमाल को लेकर हिमाचल प्रदेश भाजपा ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है। शिमला के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को शिकायत सौंपकर मामले में FIR दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

भाजपा विधायक राकेश जम्वाल ने कहा कि पवन खेड़ा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लिए सार्वजनिक रूप से ‘बौना’, ‘भगोड़ा’ और ‘तड़ीपार’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। विधायक ने शिकायत के साथ संबंधित बयान का वीडियो और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड भी साक्ष्य के तौर पर प्रस्तुत करने की बात कही है।

राकेश जम्वाल की तरफ से दी शिकायत में कहा गया कि पवन खेड़ा ने सरदार वल्लभभाई पटेल के संदर्भ में केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा दिए गए कथन को जिस तरह प्रस्तुत करते हुए टिप्पणी की, उसकी भी जांच की जानी चाहिए।

विधायक ने पुलिस से संबंधित मूल वीडियो, उसके पूर्ण संदर्भ और सोशल मीडिया पर हुए प्रसारण की जांच कराने का अनुरोध किया है। BNS की धाराओं में कार्रवाई की मांग राकेश जम्वाल ने शिकायत में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 356 के तहत मानहानि के आवश्यक तत्वों की जांच करने की मांग की है।

इसके अलावा धारा 352 के तहत जानबूझकर अपमान कर शांति भंग के लिए उकसाने के आशय से किए गए कृत्य की भी जांच की मांग की गई है। शिकायत में कहा गया है कि उपलब्ध वीडियो और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस इन धाराओं की प्रयोज्यता की जांच करें।

इसके साथ ही जांच में सामने आने वाली अन्य लागू धाराओं के तहत भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है। 'राजनीतिक असहमति के नाम पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल' भाजपा ने शिकायत में कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक राजनीतिक दल और व्यक्ति को सरकार तथा राजनीतिक नेतृत्व की आलोचना करने का अधिकार है, लेकिन राजनीतिक विरोध की आड़ में किसी व्यक्ति के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का सार्वजनिक इस्तेमाल और उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री का प्रसार कानून के दायरे में जांच का विषय हो सकता है।

राकेश जम्वाल ने पुलिस से उपलब्ध वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को विधिसम्मत तरीके से सुरक्षित करने की भी मांग की है, ताकि साक्ष्यों के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ न हो। पुलिस से FIR दर

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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