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अनंत चतुर्दशी पर गणपति विसर्जन, देर रात तक चला कार्यक्रम

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
अनंत चतुर्दशी पर गणपति विसर्जन, देर रात तक चला कार्यक्रम

कोटा में अनंत चतुर्दशी पर गणपति प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ गणेश उत्सव का समापन हुआ। किशोर सागर तालाब में बड़ी प्रतिमाओं का क्रेन और छोटी प्रतिमाओं का नाव से विसर्जन किया गया।

कोटा, 26 सितंबर। अनंत चतुर्दशी के अवसर पर कोटा में गणपति प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ गणेश उत्सव का समापन हो गया। दोपहर में गुमानपुरा सूरजपोल से शुरू हुई अनंत चतुर्दशी की शोभायात्रा देर रात तक चली। शोभायात्रा के समापन के बाद किशोर सागर तालाब की पाल पर गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।

विसर्जन को लेकर नगर निगम और जिला प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। बड़ी गणपति प्रतिमाओं को क्रेन की सहायता से तालाब में विसर्जित किया गया, जबकि छोटी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए नावों का इस्तेमाल किया गया।

विसर्जन कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए 6 एनडीआरएफ की टीम तैनात रही। इंस्पेक्टर अजय सिंह ने बताया कि किसी भी तरह की अनहोनी को रोकने और विसर्जन कार्यक्रम को सुरक्षित रूप से संपन्न कराने के लिए टीम की निगरानी में पूरी व्यवस्था संचालित की गई। देर रात तक चले विसर्जन के साथ ही शहर में गणेश उत्सव का विधिवत समापन हुआ।

होल्ड वाइट

  1. हेमा सरस्वती, महामंडलेश्वर।
  2. तेजस्विनी गौत्तम, एसपी कोटा शहर।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

अनंत चतुर्दशी पर कोटा में गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन एक धार्मिक परंपरा है, जिसमें बड़े और छोटे दोनों प्रकार के प्रतिमाओं को तालाब में छोड़ा जाता है। यह कार्यक्रम गणेश उत्सव के समापन का प्रतीक है। खबर का महत्व इसलिए है क्योंकि यह स्थानीय सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाता है और बड़े पैमाने पर लोगों के धार्मिक विश्वासों को पुष्ट करता है। ऐसे कार्यक्रमों से समाज में एकता और सौहार्द बढ़ता है, साथ ही पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलता है। आम जनता के लिए यह एक आध्यात्मिक अनुभव और सामाजिक एकजुटता का अवसर बन

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।