अनंत सिंह के निष्कासन पर शक्ति यादव का हमला, बोले- जेडीयू में अंदरूनी कलह तेज
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राजद प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि जेडीयू के अंदर गुटबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में पार्टी में कई और राजनीतिक उठापटक देखने को मिल सकती हैं।
25 अक्टूबर, पटना (पटना, बिहार) : जेडीयू विधायक अनंत सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किए जाने और उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है। इस मामले पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता शक्ति यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे जेडीयू का आंतरिक मामला बताया। हालांकि, उन्होंने पार्टी के भीतर गुटबाजी और आपसी खींचतान को लेकर गंभीर सवाल भी उठाए।
शक्ति यादव ने कहा कि अनंत सिंह लंबे समय तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ रहे और उनके लिए काम करते रहे। लेकिन अब पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में उन्हें छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है। उनकी पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी को भी पार्टी से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह जेडीयू का आंतरिक मामला है, लेकिन पार्टी के भीतर चल रही राजनीतिक गतिविधियां कई सवाल खड़े कर रही हैं।
राजद प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि जेडीयू के अंदर गुटबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में पार्टी में कई और राजनीतिक उठापटक देखने को मिल सकती हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री बनने और मौजूदा केंद्रीय मंत्रियों को पद से हटाने को लेकर भी पार्टी के भीतर खींचतान चल रही है।
निष्कासन की प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
शक्ति यादव ने अनंत सिंह के निष्कासन की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि जेडीयू ने इस मामले में तकनीकी चूक की है। उनके मुताबिक, प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की ओर से जारी निष्कासन पत्र पार्टी के संविधान के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी विधायक को पार्टी से निष्कासित करने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष का निर्देश आवश्यक है। उनके अनुसार, निष्कासन का आदेश राष्ट्रीय अध्यक्ष या उनके निर्देश पर राष्ट्रीय प्रधान महासचिव की ओर से जारी किया जाना चाहिए था।
नीतीश कुमार और अनंत सिंह के संबंधों पर भी टिप्पणी
राजद प्रवक्ता ने कहा कि अनंत सिंह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपना गुरु मानते थे और बिहार के विकास में उनके योगदान की बात करते थे। अब दोनों के बीच राजनीतिक दूरी सामने आने से कई बातें सार्वजनिक हो रही हैं। उन्होंने कहा कि जेडीयू का यह फैसला पार्टी के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है और बिहार की जनता पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रही है।
शक्ति यादव ने यह भी कहा कि अनंत सिंह के निष्कासन के बाद अब पार्टी में आगे किसके खिलाफ कार्रवाई होगी, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के पटना पहुंचने के दौरान मीडिया के सवालों का जवाब नहीं देने का जिक्र करते हुए कहा कि पूरे घटनाक्रम से जेडीयू के भीतर बेचैनी का संकेत मिलता है।
अंत में राजद प्रवक्ता ने दावा किया कि जेडीयू के अंदर जारी गुटबाजी और खींचतान पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को कमजोर कर सकती है। हालांकि, निष्कासन की प्रक्रिया को लेकर उनके द्वारा उठाए गए सवालों और पार्टी के संविधान संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।