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अंबेडकरनगर :कठुआ गोलीकांड में अंबेडकरनगर का लाल अंकित कुमार शहीद, गांव में पसरा मातम।||Ambedkar Nagar:Ankit Kumar, son of Ambedkar Nagar, martyred in the Kathua firing incident; mourning prevails in the village.||

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 2 अक्टूबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति

अंबेडकरनगर : कठुआ गोलीकांड में अंबेडकरनगर का लाल अंकित कुमार शहीद, गांव में पसरा मातम। CISF के असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडेय समेत चार जवानों की मौत। ।।ए के चतुर्वेदी।। दो टूक : जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के बसोहली क्षेत्र में मंगलवार शाम CISF कैंप में हुई गोलीबारी की घटना में अंबेडकरनगर के लाल और CISF के असिस्टेंट कमांडेंट एवं कंपनी कमांडर अंकित कुमार पांडेय समेत चार जवानों की मौत हो गई।

घटना की खबर पैतृक गांव दौलतपुर एकसारा (मठिया), डिहवा दौलतपुर पहुंचते ही पूरे गांव में मातम पसर गया। परिवार और ग्रामीणों का रो-रोकर बुरा हाल है। विस्तार : प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बसोहली क्षेत्र के मशका गांव स्थित सेवा हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट से जुड़े CISF कैंप में मंगलवार शाम करीब साढ़े सात बजे जवानों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ।

इसी दौरान एक हेड कांस्टेबल ने अपनी सर्विस राइफल से साथियों पर गोलियां चला दीं। गोलीबारी में असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडेय, उपनिरीक्षक लक्ष्मण सिंह समेत चार जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां चारों की मौत हो गई। गोली चलाने वाले जवान को साथी कर्मियों ने काबू कर पुलिस के हवाले कर दिया।

छह बहनों के इकलौते भाई थे अंकित अंकित कुमार पांडेय अंबेडकरनगर के इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र स्थित दौलतपुर एकसारा (मठिया), डिहवा दौलतपुर गांव के रहने वाले थे। वह CISF में कंपनी कमांडर के पद पर तैनात थे और कठुआ के दुर्गम क्षेत्र में जलविद्युत परियोजना की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

ग्रामीणों के अनुसार अंकित परिवार में इकलौते बेटे और छह बहनों के बीच परिवार की बड़ी उम्मीद थे। उपनिरीक्षक से बने असिस्टेंट कमांडेंट अंकित ने CISF में उपनिरीक्षक के रूप में अपनी सेवा शुरू की थी। विभागीय परीक्षा में सफलता के बाद वर्ष 2021 में उन्हें सहायक कमांडेंट पद पर पदोन्नति मिली।

इसके बाद उन्होंने अधिकारी के रूप में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वर्तमान में वह कठुआ में कंपनी कमांडर के रूप में तैनात थे। गोलीबारी की वजह पर जांच जारी प्रारंभिक जानकारी में जवानों के बीच कहासुनी के बाद गोलीबारी की बात सामने आई है। हालांकि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और किन परिस्थितियों में गोली चली, इसका अभी स्पष्ट खुलासा नहीं हुआ है।

मामले की जांच पुलिस और CISF दोनों स्तरों पर की जा रही है। अंकित कुमार पांडेय की शहादत की खबर से अंबेडकरनगर में शोक की लहर है। ग्रामीण और परिजन उनके पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।

📡 स्रोत: NewsData.io

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🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

कठुआ गोलीकांड में हुए दुखद नुकसान से यह स्पष्ट होता है कि हिंसा कभी समाधान नहीं देती। जब संघर्ष उत्पन्न हो, तो संवाद और कानूनी मार्ग अपनाना ही सबसे सुरक्षित रास्ता है। समाज को एकजुट होकर शांति, सहिष्णुता और सहानुभूति की संस्कृति को बढ़ावा देना चाहिए। शहीदों की याद हमें यह सिखाती है कि हमें संघर्षों का सामना शांतिपूर्ण तरीकों से करना चाहिए, ताकि ऐसी त्रासदियाँ भविष्य में न दोहरें।

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