आंध्र प्रदेश पर एक और चक्रवात का खतरा, CM चंद्रबाबू नायडू ने की समीक्षा बैठक
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आंध्र प्रदेश पर एक और चक्रवात के संभावित प्रभावों को लेकर मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने रविवार (1 नवंबर, 2026) को उच्च अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की.
उन्होंने राज्य पर चक्रवात के संभावित प्रभाव, बारिश, तेज हवाओं के अनुमान और जलाशयों की स्थिति पर समीक्षा की.
नए चक्रवात के खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कल होने वाला अपना दिल्ली दौरा रद्द कर दिया है.
अनुमान है कि बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र पहले गहरे दबाव और फिर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है. 2 नवंबर तक इसके पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में गंभीर चक्रवाती तूफान बनने की संभावना है.
इसके बाद 3 नवंबर की सुबह बापटला के पास गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में इसके तट पार करने की आशंका है.
तट पार करने के दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
मुख्यमंत्री ने की एहतियाती तैयारियों की समीक्षा
नए चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित क्षेत्रों में की जाने वाली एहतियाती तैयारियों की समीक्षा की. 2 नवंबर को दक्षिण और मध्य तटीय आंध्र प्रदेश के जिलों में मध्यम से भारी बारिश और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है. 3 और 4 नवंबर को कई जगहों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान है.
अत्यधिक भारी बारिश की आशंका वाले 20 मंडलों में एलुरु जिले के 9, कृष्णा जिले के 5, एनटीआर जिले के 5 और बापटला जिले का एक मंडल शामिल है.
3 नवंबर को जिले में औसत बारिश का अनुमान
एलुरु: लगभग 179 मिलीमीटर
कृष्णा: 163 मिलीमीटर
एनटीआर: 161 मिलीमीटर
पश्चिम गोदावरी: 147 मिलीमीटर
गुंटूर: 119 मिलीमीटर
बापटला: 104 मिलीमीटर
तूफान प्रभावित इलाकों में जल्द फिर से ब
📡 स्रोत: ABP Live