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अनिता शर्मा बोलीं-कांग्रेस की सरकार बनी तो फिर होगी जांच:झीरम हमले में पति को खोया, कहा- षड्यंत्रकारियों के नाम सामने आने चाहिए

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 14 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
अनिता शर्मा बोलीं-कांग्रेस की सरकार बनी तो फिर होगी जांच:झीरम हमले में पति को खोया, कहा- षड्यंत्रकारियों के नाम सामने आने चाहिए

झीरम घाटी हमले के 13 साल बाद आए फैसले पर कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक अनिता योगेंद्र शर्मा ने कहा कि वे इसे न्याय नहीं मानती हैं। हमले में पति योगेंद्र शर्मा समेत कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं ने जान गंवाई थी। अब अनिता शर्मा ने कहा है कि अगर कांग्रेस की सरकार बनती है तो झीरम मामले की नए सिरे से जांच कराई जाएगी।

दैनिक भास्कर से बातचीत में अनिता योगेंद्र शर्मा ने कहा कि अब तक हुई जांच से वे संतुष्ट नहीं हैं। उनका मानना है कि जांच सिर्फ हमले में शामिल लोगों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। अगर इस पूरे घटनाक्रम के पीछे राजनीतिक षडयंत्र था, तो उसके पीछे कौन था, यह भी सामने आना चाहिए। पति योगेंद्र शर्मा को याद करते हुए अनिता ने कहा कि उनका सपना विधायक बनने का था।

पति को खोने के बाद बच्चों ने उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया। सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल अनिता शर्मा ने झीरम में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि कांग्रेस के इतने बड़े नेताओं का काफिला बस्तर से गुजर रहा था, फिर भी पर्याप्त सुरक्षा क्यों नहीं थी?

उन्होंने खुफिया इनपुट को लेकर भी सवाल किया। उनका कहना है कि अगर खतरे की जानकारी पहले से थी तो उसे गंभीरता से क्यों नहीं लिया गया?

और अगर कोई इनपुट नहीं था, तो इतने बड़े राजनीतिक काफिले की सुरक्षा व्यवस्था में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई? ‘हमें बताया गया था कि पति घायल हैं’ झीरम हमले के दिन को याद करते हुए अनिता योगेंद्र शर्मा ने बताया कि घटना के बाद परिवार को शुरुआत में बताया गया था कि उनके पति योगेंद्र शर्मा घायल हैं।

परिवार ने उन्हें टीवी और खबरों से दूर रखा था। बाद में जैसे-जैसे जानकारी सामने आई, पता चला कि झीरम में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं पर हमला हुआ है। इसके बाद उन्हें पति के नहीं रहने की जानकारी मिली। पति की मौत के बाद राजनीति में आईं अनिता शर्मा ने बताया कि राजनीति में आने का उनका पहले कोई इरादा नहीं था।

पति योगेंद्र शर्मा राजनीति में एक्टिव थे और विधायक बनने का सपना देखते थे। उनकी मौत के बाद बच्चों ने उन्हें चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और चुनाव भी लड़ा। जरूरत पड़ी तो कानूनी लड़ाई भी आगे बढ़ाएंगी अनिता शर्मा का कहना है कि झीरम मामले में न्याय की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है।

वे आगे पार्टी नेतृत्व से इस मुद्दे पर चर्चा करेंगी। उन्होंने जरूरत पड़ने पर कानूनी लड़ाई को आगे बढ़ाने और सुप्रीम कोर्ट जाने की बात भी कही। उनका कहना है कि कांग्रेस की सरकार बनने पर झीरम की जांच नए सिरे से कराई जाएगी, ताकि हमले से जुड़े अब तक अनसुलझे सवालों के जवाब सामने आ सकें। सजा पर फैसला 16 सितंबर को होगा 25 मई 2013 के झीरम घाटी नरसंहार मामले में 13 साल बाद जगदलपुर की स्पेशल NIA कोर्ट ने 10 नक्सलियों को दोषी ठहराया है।

11 आरोपियों में से एक की ट्रायल के दौरान मौत हो गई थी। दोषियों की सजा पर फैसला 16 सितंबर को होगा। ............................

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📡 स्रोत: NewsData.io

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