अनोखा नियम! ZIM बल्लेबाज क्लीन बोल्ड, नो-बॉल नहीं थी गेंद; फिर भी AFG को नहीं मिला विकेट
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क्रिकेट के मैदान पर गेंद स्टंप से टकराए, गिल्लियां बिखर जाएं और फिर भी बल्लेबाज आउट नहीं हो, तो हैरानी होना लाजिमी है.
अफगानिस्तान और जिम्बाब्वे के बीच वनडे ट्राई सीरीज के मुकाबले में ऐसा ही नजारा देखने को मिला.
अफगानिस्तान के तेज गेंदबाज अजमतुल्लाह उमरजई ने ब्रायन बेनेट को क्लीन बोल्ड कर दिया, लेकिन अंपायरों ने विकेट देने के बजाय गेंद को डेड बॉल घोषित कर दिया. गेंद नो-बॉल नहीं थी, फिर भी उमरजई को विकेट नहीं मिला.
इसके पीछे की वजह गेंदबाज का गिरा हुआ तौलिया बना.
ये घटना जिम्बाब्वे की पारी के 8वें ओवर की आखिरी गेंद पर हुई.
उमरजई गेंदबाजी के लिए दौड़ रहे थे, तभी उनकी कमर में रखा तौलिया नीचे गिर गया. इसी दौरान उन्होंने गेंद फेंकी.
बेनेट ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले को चकमा देकर सीधे स्टंप पर जा लगी. गिल्लियां गिरते ही अफगानिस्तान के खिलाड़ी जश्न मनाने लगे.
अंपायरों ने डेड बॉल करार दिया
लेकिन, बेनेट ने तुरंत अंपायरों से शिकायत की के तौलिया गिरने से उनका ध्यान भटक गया था. इसके बाद अंपायरों ने आपस में चर्चा की और गेंद को डेड बॉल करार दे दिया.
इस फैसले के वजह से बेनेट नॉट आउट रहे और उमरजई को विकेट नहीं मिला.
क्या कहता है क्रिकेट का नियम
मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) के नियमों के मुताबिक, अगर किसी घटना से बल्लेबाज का ध्यान भटकता है, तो अंपायर हालातों को देखते हुए गेंद को डेड बॉल घोषित कर सकता है.
लेकिन, इस फैसले पर सवाल भी उठे, क्योंकि बेनेट ने तौलिया गिरने के बावजूद गेंद खेलने की कोशिश की थी. ऐसे में बहस छिड़ गई कि क्या इस हालात में डेड बॉल देना सही था.
अफगानिस्तान ने 158 रन से जीता मैच
जीवनदान मिलने के बावजूद बेनेट इसका ज्यादा फायदा नहीं उठा सके.
वो 31 रन बनाकर आउट हो गए और जिम्बाब्वे की पूरी टीम 136 रन पर सिमट गई.
इससे पहले अफगानिस्तान ने सेदिकुल्लाह अटल के 102 और इब्राहिम जादरान के 90 रन की मदद से 294 रन बनाए थे. राशिद खान ने 17 रन देकर 4 विकेट लिए.
इस
📡 स्रोत: ABP Live Khel