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अंतर्राष्ट्रीय साइन लैंग्वेज दिवस पर दिव्यांग विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा, रंगोली-पेंटिंग में बिखेरी रचनात्मकता

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
अंतर्राष्ट्रीय साइन लैंग्वेज दिवस पर दिव्यांग विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा, रंगोली-पेंटिंग में बिखेरी रचनात्मकता

विदिशा। अंतर्राष्ट्रीय साइन लैंग्वेज दिवस के अवसर पर सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के निर्देशानुसार दीक्षा निकेतन विशेष स्कूल, पुराना जिला अस्पताल परिसर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विशेष विद्यालयों और छात्रावासों के दिव्यांग छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी उपसंचालक सामाजिक न्याय विभाग आयुषि गुप्ता ने सरस्वती पूजन के साथ किया। इस दौरान दीक्षा निकेतन विशेष स्कूल एवं छात्रावास, उम्मीद शिक्षण समिति विशेष स्कूल, आकांक्षा स्पेशल स्कूल और सीडब्ल्यूएसएन छात्रावास के विद्यार्थी एवं विषय विशेषज्ञ स्टाफ मौजूद रहे।कार्यक्रम में अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के डॉ.

शोलू कांत, एडवोकेट मनु श्रीवास्तव, सामाजिक सुरक्षा अधिकारियों समेत सामाजिक न्याय विभाग और जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधियों और स्टाफ ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

रंगोली और पेंटिंग में दिखाई रचनात्मकता

दिव्यांग विद्यार्थियों की प्रतिभा और रचनात्मक क्षमता को प्रोत्साहित करने के लिए रंगोली और पेंटिंग प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने आकर्षक रंगोली और पेंटिंग तैयार कर अपनी कला एवं कल्पनाशीलता का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों और अधिकारियों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।

प्रतियोगिताओं में शामिल विद्यार्थियों को उपहार और प्रशस्ति प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और उपस्थितजनों के लिए स्वल्पाहार की भी व्यवस्था की गई। अंतर्राष्ट्रीय साइन लैंग्वेज दिवस के माध्यम से दिव्यांगजनों के लिए संचार, शिक्षा, सहभागिता और समान अवसरों के महत्व को रेखांकित किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांग विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच उपलब्ध कराने के साथ उनके आत्मविश्वास को बढ़ाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना रहा।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।