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अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता में इस्पात क्षेत्र के गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों की समीक्षा

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 5 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता में इस्पात क्षेत्र के गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों की समीक्षा

गुणवत्तापूर्ण घरेलू उत्पादन से आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया को मिलेगी मजबूती

नवंबर 05, हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश): पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कोयला, खान और इस्पात संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष अनुराग सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में आज इस्पात क्षेत्र में गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों (QCOs) के क्रियान्वयन एवं प्रभाव की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में घरेलू इस्पात उत्पादन को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप बनाने, घटिया गुणवत्ता वाले इस्पात की बाजार में उपलब्धता रोकने तथा देश की आधारभूत संरचनाओं की सुरक्षा और मजबूती सुनिश्चित करने से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।

बैठक में इस्पात मंत्रालय, उपभोक्ता मामलों के विभाग, भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) तथा स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। समिति ने गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रमाणन प्रक्रिया को सरल बनाने और नियामकीय बाधाओं को दूर करने पर विचार-विमर्श किया, ताकि प्राथमिक एवं द्वितीयक दोनों प्रकार के इस्पात उत्पादकों को बेहतर अनुपालन व्यवस्था उपलब्ध हो सके।

समिति ने रेखांकित किया कि इस्पात क्षेत्र में गुणवत्ता मानकों को सुदृढ़ करना आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के साथ-साथ भारतीय उद्योगों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के लिए भी आवश्यक है। बेहतर गुणवत्ता से घटिया आयात पर निर्भरता कम होगी और भारतीय निर्माताओं को अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के अवसर मिलेंगे।

बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि उत्पादन क्षमता के विस्तार के साथ गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है। इससे देश की बढ़ती बुनियादी ढांचा संबंधी जरूरतों को स्वदेशी और भरोसेमंद इस्पात से पूरा करने में मदद मिलेगी। समिति इस दिशा में आवश्यक नीतिगत सुझावों पर विचार करेगी, ताकि उपभोक्ता हितों की रक्षा के साथ भारत के औद्योगिक विकास और मेक इन इंडिया अभियान को नई गति प्रदान की जा सके।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।