अपराध

अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत गठित समिति की बैठक आयोजित

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 4 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत गठित समिति की बैठक आयोजित

नवंबर 04, सोलन (हिमाचल प्रदेश): उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा की अध्यक्षता में आज अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत गठित ज़िला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2023 से 31 अक्तूबर, 2026 तक अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र पीड़ितों को राहत राशि समयबद्ध तरीके से उपलब्ध करवाना सुनिश्चित बनाया जाना चाहिए। उन्होंने पुलिस एवं ज़िला प्रशासन के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा मामलों की मासिक रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि अधिनियम के तहत उपमण्डल स्तर पर नियमित रूप से बैठकें आयोजित की जानी चाहिएं।

उन्होंने इस अवसर पर 08 पीड़ितों की 04 लाख रुपये की राहत राशि भी स्वीकृत की। उपायुक्त कहा कि अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन तथा पीड़ितों को समय पर न्याय एवं सहायता उपलब्ध करवाने के लिए सभी संबंधित विभागों का पूर्ण संवेदनशीलता एवं समयबद्धता के साथ कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने विभागों को अनुसूचित जाति, जनजाति अधिनियम, 1989 के विषय पर समय-समय पर जागरूकता शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।

बैठक में अवगत करवाया गया कि वर्ष 2023 से 31 अक्टूबर, 2026 तक ज़िला में इस अधिनियम के तहत कुल 85 मामले दर्ज हुए। इनमें से 44 मामले विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन हैं तथा 31 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। 84 मामलों में 103 पीड़ितों को कुल 91.66 लाख रुपये की राहत राशि प्रदान की गई है।

बैठक में भेदभाव और छुआछूत से संबंधित शिकायतों, पुलिस जांच के अधीन मामलों तथा उपमंडल स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समितियों के गठन पर भी चर्चा की गई। ज़िला न्यायवादी संजय पंडित, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सोलन मुख्यालय सन्तोष शर्मा, उप पुलिस अधीक्षक बद्दी योगराज चन्देल, ज़िला कल्याण अधिकारी विवेक अरोड़ा, ज़िला कार्यक्रम अधिकारी डॉ.

पदम देव शर्मा, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं समिति के गैर सरकारी सदस्य बैठक में उपस्थित थे।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।