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अपने गांव के फ्रेम | रीमा दास, 45 वर्ष | फिल्मकार, कलार्दिया गांव, असम

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 30 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
अपने गांव के फ्रेम | रीमा दास, 45 वर्ष | फिल्मकार, कलार्दिया गांव, असम

क्या है जो उन्हें बनाता है सिरमौर : उनकी छोटे पैमाने वाली फिल्मों ने टोरंटो से बर्लिन और भारत तक फिल्म फेस्टिवलों में वाहवाही लूटी. पिछले साल की एक और उपलब्धि थी फिल्म नॉट ए हीरो, जो गांव के जीवन में ढलते शहरी लड़के की कहानी है

📡 स्रोत: NewsData.io

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