APCR भोपाल ने पांच कैदियों का जुर्माना जमा कर कराई रिहाई, खुली हवा में ले सकेंगे साँस
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भोपाल। आर्थिक तंगी के कारण जुर्माने की राशि जमा नहीं कर पाने वाले पांच कैदियों की मदद के लिए एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स (APCR) भोपाल ने पहल करते हुए उनका जुर्माना जमा कराया और उनकी रिहाई का रास्ता आसान किया। APCR की इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद बंदियों को कानूनी एवं मानवीय सहायता उपलब्ध कराना है।
इस अवसर पर APCR भोपाल जिला अध्यक्ष एवं अधिवक्ता जुबैर इलाही, उपाध्यक्ष डॉ. फज़ल रहमान, इमरान अहमद एवं अन्य सदस्य मौजूद रहे। APCR पदाधिकारियों ने जेल प्रशासन के साथ समन्वय करते हुए जुर्माने की राशि जमा कराने की प्रक्रिया पूरी कराई, जिसके बाद संबंधित बंदियों की रिहाई संभव हो सकी।
इस पहल पर जेल अधीक्षक मानवेन्द्र सिंह परिहार और उप जेल अधीक्षक एसएस मरावी ने APCR के प्रयासों की सराहना की। जेल अधिकारियों ने संगठन द्वारा जरूरतमंद बंदियों की मदद के लिए किए जा रहे कार्यों को महत्वपूर्ण बताते हुए आगे भी APCR को आवश्यक सहयोग देने का आश्वासन दिया।
APCR पदाधिकारियों के मुताबिक, कई बार ऐसे मामलों में सजा पूरी होने के बाद भी केवल जुर्माने की राशि जमा नहीं होने के कारण बंदियों को अतिरिक्त समय जेल में रहना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए जुर्माने की राशि जुटाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे मामलों में संगठन जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने का प्रयास करता है।
इस संबंध में APCR मध्य प्रदेश के सचिव सैयद जावेद अख्तर ने बताया कि APCR केवल कानूनी सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिक अधिकारों और न्याय से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर लगातार काम करती है। संगठन के प्रमुख कार्यक्षेत्रों में लीगल एड, जेल रिफॉर्म्स, पुलिस रिफॉर्म्स और जनहित याचिका (PIL) सहित अन्य नागरिक अधिकार संबंधी गतिविधियां शामिल हैं।
सैयद जावेद अख्तर ने कहा कि संगठन का प्रयास है कि आर्थिक या सामाजिक रूप से कमजोर व्यक्ति केवल संसाधनों के अभाव में अपने अधिकारों और न्याय से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य के तहत APCR जरूरतमंद लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने और जेलों से जुड़े सुधारात्मक मुद्दों को सामने लाने का काम करती है।
APCR के पदाधिकारियों ने कहा कि जरूरतमंद बंदियों और उनके परिवारों तक कानूनी एवं मानवीय सहायता पहुंचाने के प्रयास आगे भी जारी रहेंगे। उपलब्ध दस्तावेजों में संबंधित परिवार और उसके सदस्यों का विवरण भी दर्ज है।