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अररिया से होगी डिजिटल पैक्स की शुरुआत, अनुशासन और निरंतर सीखने पर जोर

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 19 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
अररिया से होगी डिजिटल पैक्स की शुरुआत, अनुशासन और निरंतर सीखने पर जोर

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अररिया से होगी डिजिटल पैक्स की शुरुआत, अनुशासन और निरंतर सीखने पर जोर

उद्योग जगत, मानव संसाधन और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने एक मंच पर आकर बदलते कार्यक्षेत्र तथा संगठनों और कर्मचारियों पर इसके प्रभावों पर विचार-विमर्श किया।

19 सितंबर , अररिया (अररिया, बिहार) : भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) बोधगया में 19 सितंबर 2026 को वार्षिक प्रबंधन सम्मेलन ‘ज्ञानोदया 6.0’ के छठे संस्करण का आयोजन किया गया। इस वर्ष सम्मेलन का विषय “कार्य की नई परिकल्पना: एआई-संचालित दुनिया में प्रतिभा, नेतृत्व और प्रदर्शन” रहा।

कार्यक्रम के दौरान चार पैनल चर्चाओं का आयोजन किया गया। इनमें एआई के क्षेत्र में उभरते रुझानों, मानव संसाधन प्रबंधन की रणनीतियों, प्रतिभा और नेतृत्व से जुड़े निर्णयों में मानवीय भूमिका तथा समावेशी नेतृत्व जैसे विषयों पर चर्चा हुई। उद्योग जगत, मानव संसाधन और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने एक मंच पर आकर बदलते कार्यक्षेत्र तथा संगठनों और कर्मचारियों पर इसके प्रभावों पर विचार-विमर्श किया।

अनुशासन और निरंतर सीखने पर जोर

विचार-विमर्श की शुरुआत करते हुए आईआईएम बोधगया की निदेशक डॉ. विनिता एस. सहाय ने अनुशासन, ज्ञान और निरंतर सीखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जीवन को व्यवस्थित करने और ज्ञान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए अनुशासन आवश्यक है। सीखने, विकास और अपनी क्षमताओं को लगातार बेहतर बनाने के लिए निरंतरता और प्रतिबद्धता जरूरी है।

उन्होंने कहा कि समृद्धि की शुरुआत ज्ञान से होती है। सीखते रहने, क्षमताओं को विकसित करने और अपनी समझ को बेहतर बनाने से भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार किया जा सकता है। वास्तविक प्रगति केवल तत्काल सफलता तक सीमित नहीं होती, बल्कि ज्ञान और क्षमताओं के निरंतर विकास से आती है, जो व्यक्ति और संगठन दोनों को समय के साथ आगे बढ़ने में मदद करती है।

एआई के साथ मानवीय मूल्यों को बनाए रखना जरूरी

उद्घाटन पैनल में आईआईएम बोधगया की निदेशक डॉ. विनिता एस. सहाय, इंस्पायर इन्फोसोल की संस्थापक एवं सीईओ सरिता रामनाथ, यूनिलीवर की डेटा साइंस एवं एआई लीडर अलका पांडेय तथा बंधन बैंक के हेड-बिजनेस-एचआर शिवेश सिंह ने हिस्सा लिया।

पैनल चर्चा में कहा गया कि नेतृत्व केवल कार्यों को दिशा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को समझने, उद्देश्य के साथ आगे बढ़ने और बदलती परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढालने की क्षमता भी नेतृत्व का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

विशेषज्ञों ने कहा कि एआई कार्य करने और नेतृत्व करने के तरीकों का महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है। ऐसे में इसका प्रभावी उपयोग सीखना जरूरी है। हालांकि, केवल एआई का ज्ञान किसी व्यक्ति को प्रभावी नेता नहीं बना सकता। इसके लिए आलोचनात्मक सोच, सही निर्णय लेने की क्षमता, सहानुभूति, साहस और निरंतर सीखते रहने की इच्छा भी आवश्यक है।

विशेषज्ञों के अनुसार, जब कर्मचारियों को अपने काम का उद्देश्य स्पष्ट होता है, तो वे अपने कार्य से अधिक जुड़ाव महसूस करते हैं, सीखते हैं और बेहतर प्रदर्शन करते हैं। भविष्य के नेताओं के लिए एआई का प्रभावी उपयोग करने के साथ-साथ मानवीय मूल्यों को बनाए रखना भी महत्वपूर्ण होगा।

इस स्टोरी फोल्डर में :

बाइट: संतोष कुमार सुमन

Caption : उद्योग जगत, मानव संसाधन और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने एक मंच पर आकर बदलते कार्यक्षेत्र तथा संगठनों और कर्मचारियों पर इसके प्रभावों पर विचार-विमर्श किया।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

अररिया में डिजिटल पैक्स की शुरुआत के बारे में यह खबर है, जिसमें कार्यस्थल पर अनुशासन और निरंतर सीखने पर जोर दिया गया है। यह विषय डिजिटल कौशल को बढ़ावा देने और कर्मचारियों के बीच सतत शिक्षा को प्रोत्साहित करने के प्रयास को दर्शाता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत के डिजिटल परिवर्तन के चरण में एक नया कदम है, जो कार्यबल को अधिक कुशल और प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद करेगा। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, कौशल विकास कार्यक्रमों में भागीदारी बढ़ेगी और डिजिटल साक्षरता

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।