असदुद्दीन ओवैसी ने SIR को बताया बैकडोर NRC, बोले - 'हो सकता है कि...'
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AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने लोगों से अपील की है कि जिन लोगों को भी SIR प्रक्रिया में नोटिस मिला है, "उन्हें नोटिस का जवाब देना होगा.
मामला खारिज होने की स्थिति में हम आपका साथ देंगे." साथ ही उन्होंने कहा कि "अमित शाह ने कहा है कि जल्दी ही NRC लागू किया जाएगा, ऐसे में हो सकता है कि SIR वोटर लिस्ट के आधार पर NRC किया जाए.
इसलिए, नोटिस का जवाब जरूर दें." उन्होंने लोगों को चेताते हुए कहा है कि "आप न सिर्फ वोट देने का अधिकार खो सकते हैं, बल्कि अपनी नागरिकता भी खो सकते हैं।"
उत्तर प्रदेश चुनावों के लिए संभावित गठबंधन पर उन्होंने कहा, "अगर किसी के साथ गठबंधन होता है, तो हम आपको बता देंगे।"
जातिगत जनगणना की प्रक्रिया पर प्रश्न
असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को देश भर में चल रही जाति जनगणना के तरीके पर गंभीर सवाल उठाए.
उन्होंने कहा कि लोगों से खुद प्रश्नावली (questionnaire) भरने के लिए कहना कोई असरदार तरीका नहीं है.
मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि आम जनगणना संविधान और कानून के तहत एक राष्ट्रीय कर्तव्य है और इसमें सभी को हिस्सा लेना चाहिए.
हालांकि, उन्होंने मौजूदा तरीके की तुलना तेलंगाना में रेवंत रेड्डी सरकार द्वारा कराई गई जाति जनगणना से की.
उन्होंने तेलंगाना वाली जनगणना को तार्किक और ठोस बताया, जिसमें सभी जातियों की संख्या और मुद्दों का सफलतापूर्वक विवरण दिया गया था.
उन्होंने कहा कि मौजूदा तरीके से जाति के बारे में भरोसेमंद या उपयोगी डेटा मिलने की संभावना कम है.
जाति जनगणना जरूरी लेकिन गुणवत्ता पर संदेह
ओवैसी ने कहा कि जनगणना का घरेलू चरण पूरा हो चुका है और अब आबादी की गिनती होनी है, इसलिए सभी को इस प्रक्रिया में शामिल होना चाहिए.
उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि जाति जनगणना महत्वपूर्ण है, लेकिन जिस तरह से इसे किया जा रहा है, उससे मिलने वाले डेटा की गुणवत्ता पर संदेह पैदा होता है.
उन्होंने कहा कि तेलंगाना मॉड
📡 स्रोत: ABP Live