असदुद्दीन ओवैसी ने UP चुनाव पर साफ की तस्वीर, कहा - 'हम गठबंधन...'
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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है.
उन्होंने कहा कि हम वहां गठबंधन बनाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं.
हमने पहले भी यह साफ किया है कि हम भी उत्तर प्रदरेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनने देना नहीं चाहते हैं.
उन्होंने आगे कहा कि आइए मिलकर एक गठबंधन करते हैं.
हमने बिहार में भी इसी तरह का प्रस्ताव दिया था.
हमने बिहार में 6 सीटों की मांग की थी, लेकिन हमारी बात नहीं मानी गई, बावजूद इसके कि आपने हमारे 4 विधायकों को तोड़ लिया था, लेकिन सीमांचल की जनता को लाखों सलाम कि हम वो सीटें फिर से जीत गए.
हम तो भाजपा के खिलाफ गठबंधन बनाकर चुनाव लड़ने के लिए खुला ऑफर दे रहे हैं.
यूपी में कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे ओवैसी?
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार (15 सितंबर, 2026) को मीडिया से बातचीत में कहा, अभी तो हम उत्तर प्रदेश में जा रहे हैं. इस रविवार (20 सितंबर) को कानपुर में हमारी जनसभा है.
इसके बाद श्रावस्ती में है, आजमगढ़ में है. फिर हर एक-एक हफ्ते के बाद यूपी में हमारी अलग-अलग जगहों पर जनसभाएं होंगी.
Bhopal, Madhya Pradesh: AIMIM Chief Asaduddin Owaisi says, "Right now, we are going to Uttar Pradesh; this coming Sunday, we have a public meeting in Kanpur, then in Shravasti, then in Azamgarh, every week.
So right now, it will be premature to say on how many seats we will pic.twitter.com/tzdryh8v5y
IANS (@ians_india) September 15, 2026
उन्होंने कहा, फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि AIMIM उत्तर प्रदेश में कितनी सीटों पर चुन
📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
असदुद्दीन ओवैसी, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष और सांसद, ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पर स्पष्ट रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि पार्टी गठबंधन की दिशा में काम कर रही है और भाजपा सरकार को रोकना चाहती है। यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि UP का चुनाव राष्ट्रीय राजनीति पर गहरा असर डालता है, और ओवैसी का बयान मुस्लिम समुदाय के चुनावी व्यवहार को प्रभावित कर सकता है। यदि AIMIM और अन्य दल मिलकर चुनाव लड़ें तो मतदाता आधार में बदलाव आ सकता है, जिससे सरकार के गठन और नीति दिशा