अटल इनोवेशन मिशन के तहत श्रीलंका के विद्यार्थियों को दी जा रही आधुनिक तकनीक की शिक्षा
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भारत का अटल इनोवेशन मिशन, युवाओं में नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देने के अपने अनुभव को अब दूसरे देशों तक पहुंचा रहा है। इसी पहल के तहत श्रीलंका के स्कूली विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक की व्यावहारिक शिक्षा दी जा रही है। कोलंबो के नालंदा कॉलेज के इनोवेशन सेंटर में अत्याधुनिक टिंकरिंग लैब का उद्घाटन किया गया है। नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन की ओर से इस लैब के लिए तकनीकी विशेषज्ञता, विशेष पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण सहायता उपलब्ध कराई गई है।
श्रीलंका में भारतीय उच्चायोग की मदद से शुरू की गई यह पहल भारत के अटल टिंकरिंग लैब के अनुभव पर आधारित है। भारत में हजारों स्कूलों में ऐसी प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं, जहां विद्यार्थियों को नई तकनीक सीखने, प्रयोग करने और वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान खोजने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इस अवसर पर श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा ने कहा कि भारत और श्रीलंका की मित्रता में समय के साथ नए आयाम जुड़े हैं। यह सहयोग दोनों देशों की साझा आकांक्षाओं और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस साझेदारी में हेमास होल्डिंग्स की शिक्षा पर केंद्रित सहयोगी कंपनी एटलस एक्सिलिया और नालंदा कॉलेज शामिल हैं। इससे श्रीलंका के विद्यार्थियों को उभरती तकनीकों और नवाचार आधारित शिक्षा से जुड़ने के नए अवसर मिलेंगे। इस टिंकरिंग लैब में रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, थ्री-डी प्रिंटिंग और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग जैसी आधुनिक तकनीकों की सुविधा उपलब्ध है। इससे विद्यार्थियों को कक्षा में सीखी गई बातों को व्यावहारिक रूप देने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम में नालंदा कॉलेज के पूर्व छात्र और श्रीलंका के प्रसिद्ध क्रिकेट खिलाड़ी महेला जयवर्धने भी उपस्थित थे। उन्होंने इस सहायता के लिए भारत का आभार व्यक्त किया। यह पहल शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत और श्रीलंका के बीच बढ़ते सहयोग को दर्शाती है। साथ ही, इससे श्रीलंका के युवाओं को नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे।