ई-अटेंडेंस के विरोध में वन कर्मचारियों का आंदोलन तेज, डीएफओ ने मांगे सुझाव
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
भोपाल। वन विभाग के कार्यपालिका वन कर्मचारियों के लिए लागू की गई ई-अटेंडेंस व्यवस्था के विरोध में शुरू हुआ आंदोलन अब वन मंडल स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। धार वन मंडल के डीएफओ ने 7 सितंबर 2026 को कार्यपालिका वन कर्मचारियों की बैठक बुलाई है।
बैठक में कर्मचारियों से ई-अटेंडेंस व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं, उनके अभिमत और सुझावों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। डीएफओ ने पत्र के माध्यम से समस्याओं के निराकरण का आश्वासन भी दिया है।
मध्यप्रदेश वन कर्मचारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पांडे ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि वन विभाग के वन बल प्रमुख द्वारा कार्यपालिका वन कर्मचारियों के लिए ई-अटेंडेंस से उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। कर्मचारी संगठन इसी व्यवस्था के विरोध में प्रदेश के विभिन्न वन मंडलों में आंदोलन कर रहे हैं।
अशोक पांडे के अनुसार कार्यपालिका वन कर्मचारी की ड्यूटी की प्रकृति अन्य कार्यालयीन कर्मचारियों से अलग है। वन कर्मचारी को 24 घंटे की ड्यूटी के लिए उपलब्ध रहना पड़ता है, जबकि ई-अटेंडेंस व्यवस्था सामान्यतः निर्धारित कार्य समय में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए लागू की जाती है।
उन्होंने कहा कि इसी वजह से कर्मचारियों को ई-अटेंडेंस की व्यवस्था अव्यावहारिक लग रही है। वन कर्मचारी मंच का कहना है कि यदि कार्यपालिका वन कर्मचारियों के लिए ई-अटेंडेंस व्यवस्था लागू की जाती है तो उनसे निर्धारित आठ घंटे ही कार्य लिया जाना चाहिए।
कर्मचारियों की मांग है कि उनकी ड्यूटी की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए उन्हें ई-अटेंडेंस की बाध्यता से मुक्त किया जाए। मंच ने चेतावनी दी है कि यदि कार्यपालिका वन कर्मचारियों को ई-अटेंडेंस व्यवस्था से मुक्त नहीं किया गया तो कर्मचारी इसका बहिष्कार करेंगे।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री को अपनी मांग से अवगत कराने के लिए पोस्टकार्ड आंदोलन शुरू करने की बात भी कही गई है। बैठक में कर्मचारी अपनी मांग और सुझाव डीएफओ के समक्ष रखेंगे।