राजनीति

अतिथि विद्वानों की मांगों को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार से प्रतिनिधिमंडल की सार्थक चर्चा

लेखक: Santosh Yogi अंतिम अपडेट: 12 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
अतिथि विद्वानों की मांगों को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार से प्रतिनिधिमंडल की सार्थक चर्चा

भोपाल। अतिथि विद्वानों की विभिन्न मांगों और 10 जुलाई 2026 को रविंद्र भवन, भोपाल में आयोजित अतिथि विद्वान सम्मेलन में की गई घोषणाओं के शीघ्र क्रियान्वयन को लेकर भारतीय मजदूर संघ के नेतृत्व में अतिथि विद्वानों के प्रतिनिधिमंडल ने उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार से मुलाकात की। बैठक में अतिथि विद्वानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों और लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई।

प्रतिनिधिमंडल की मंत्री के साथ बैठक पहले 15 सितंबर 2026 को प्रस्तावित थी, लेकिन मंत्री की व्यस्तता के कारण प्रतिनिधिमंडल को 10 सितंबर को ही चर्चा के लिए आमंत्रित किया गया। बैठक में प्रतिनिधिमंडल ने सम्मेलन में की गई घोषणाओं को जल्द लागू करने और अतिथि विद्वानों की लंबित मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का अनुरोध किया।

प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, वर्तमान में एमपी पीएससी के माध्यम से सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल और क्रीड़ा अधिकारियों की नियमित भर्ती प्रक्रिया के कारण कार्यरत अतिथि विद्वान लगातार फॉलेन आउट हो रहे हैं। इससे उनके रोजगार पर संकट की स्थिति बन रही है। प्रतिनिधिमंडल ने इस मुद्दे को भी मंत्री के समक्ष प्रमुखता से उठाया।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि अतिथि विद्वान सम्मेलन को दो माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन सम्मेलन में की गई घोषणाओं के शीघ्र क्रियान्वयन को लेकर अतिथि विद्वानों में चिंता बनी हुई है। उन्होंने मांगों पर जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया।

उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को सुना और विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई जल्द किए जाने का आश्वासन दिया।

बैठक में डॉ. सुरजीत सिंह भदौरिया, डॉ. देवराज सिंह और डॉ. बीएल दोहरे सहित प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्य मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने सकारात्मक और सार्थक चर्चा के लिए उच्च शिक्षा मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

अतिथि विद्वानों की मांगों पर चर्चा के लिए उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार से मुलाकात हुई। यह विषय शैक्षणिक क्षेत्र में अतिथि विद्वानों के अधिकारों और वेतन, आवास, स्वास्थ्य सुविधाओं जैसी मांगों के समाधान पर केंद्रित है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि अतिथि विद्वान विश्वविद्यालयों की शिक्षण और शोध क्षमता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, और उनकी संतुष्टि से शिक्षा की गुणवत्ता पर असर पड़ता है। यदि उनकी मांगें पूरी होती हैं तो शिक्षण गुणवत्ता में सुधार, शोध उत्पादकता बढ़ेगी, और छात्र-शिक्षक संबंध बेहत

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Santosh Yogi

संतोष योगी भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार हैं जो भोपाल जिला एवं आसपास की घटनाओं को प्रमुखता से कवर करते हैं।