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औरंगाबाद जिले का नाम देव करने की मांग:पीएमओ तक आवेदन भेजने की तैयारी; बोले- सूर्य मंदिर के कारण जिले की देशभर में पहचान

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 19 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
औरंगाबाद जिले का नाम देव करने की मांग:पीएमओ तक आवेदन भेजने की तैयारी; बोले- सूर्य मंदिर के कारण जिले की देशभर में पहचान

औरंगाबाद जिले का नाम बदलकर देव करने की मांग को लेकर शुक्रवार को शहर में मार्च निकाला गया। जनेश्वर विकास केंद्र के बैनर तले निकाले गए मार्च का नेतृत्व केंद्र के संयोजक सिद्धेश्वर विद्यार्थी ने किया। मार्च में शामिल लोगों ने जिले का नाम देव किए जाने की मांग को लेकर आवाज बुलंद की। संगठन की ओर से इस मुद्दे को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री तक आवेदन भेजने की तैयारी की जा रही है।

मार्च के दौरान वक्ताओं ने कहा कि देव की पहचान केवल औरंगाबाद जिले तक सीमित नहीं है। यहां स्थित प्रसिद्ध सूर्य मंदिर के कारण देव की धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान देशभर में है। ऐसे में जिले के नाम में देव को स्थान मिलने से इसकी पहचान को व्यापक स्तर पर सम्मान मिल सकता है। सिद्धेश्वर विद्यार्थी ने कहा कि देव की ऐतिहासिक, धार्मिक और पौराणिक महत्ता को देखते हुए जिले का नाम देव किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इस मांग को लेकर जनेश्वर विकास केंद्र लगातार आंदोलन कर रहा है और आने वाले दिनों में इसे और व्यापक बनाया जाएगा। रोहतास, कैमूर और वैशाली का उदाहरण देकर रखा तर्क सिद्धेश्वर विद्यार्थी ने कहा कि देश और बिहार में ऐसे कई जिले हैं, जिनका नाम उनके ऐतिहासिक अथवा भौगोलिक महत्व वाले स्थानों के नाम पर रखा गया है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि रोहतासगढ़ के नाम पर रोहतास जिला है, जबकि जिले का मुख्यालय सासाराम है। इसी तरह कैमूर पर्वत श्रृंखला के नाम पर कैमूर जिला है, जिसका मुख्यालय भभुआ है। उन्होंने वैशाली का उदाहरण देते हुए कहा कि जिले का नाम ऐतिहासिक महत्व के आधार पर वैशाली रखा गया है, जबकि इसका मुख्यालय हाजीपुर है।

इसी तर्ज पर औरंगाबाद जिले का नाम भी देव के नाम पर करने की मांग रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि देव का सूर्य मंदिर प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में शामिल है, लेकिन इसके बावजूद देव को अपेक्षित सम्मान और विकास नहीं मिल सका है। विद्यार्थी ने इसके लिए पूर्व के जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन की उदासीनता को जिम्मेदार ठहराया।उन्होंने कहा कि देव की पहचान को केंद्र में रखकर जिले के नामकरण पर विचार किया जाना चाहिए।

संगठन इस मांग को लेकर संबंधित स्तरों पर आवेदन देने के साथ आंदोलन को आगे बढ़ाएगा। आदित्य नगर की मांग पर भी रखी बात प्रेस वार्ता के दौरान सिद्धेश्वर विद्यार्थी ने जिले का नाम आदित्य नगर किए जाने की मांग को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि देव की महत्ता को समझे बिना नामकरण के मुद्दे को दूसरी दिशा में ले जाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।

उनका कहना था कि यदि कोई पक्ष औरंगाबाद का नाम आदित्य नगर करने की मांग करता है तो पहले जिले का नाम आदित्य नगर किए जाने की बात रखी जाए, लेकिन देव के नामकरण की मांग के पक्ष में वे उनके साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि जनेश्वर विकास केंद्र का मुख्य उद्देश्य देव की ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान को सामने लाना है।

इसी मांग को लेकर प्रधानमंत्री सहित संबंधित अधिकारियों को आवेदन देने की तैयारी है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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