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Autism Care Therapy Startup: बटरफ्लाई लर्निंग्स को मिली ₹65 करोड़ की बड़ी फंडिंग, देश भर में खुलेंगे थेरेपी सेंटर्स; ऑटिज्म पीड़ित बच्चों को मिलेगा बड़ा सहारा

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 21 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
Autism Care Therapy Startup: बटरफ्लाई लर्निंग्स को मिली ₹65 करोड़ की बड़ी फंडिंग, देश भर में खुलेंगे थेरेपी सेंटर्स; ऑटिज्म पीड़ित बच्चों को मिलेगा बड़ा सहारा

भारत में न्यूरोडाइवर्जेंट बच्चों, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD), अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD) और लर्निंग डिसेबिलिटी से जूझ रहे परिवारों के लिए स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक बड़ा और सकारात्मक कदम सामने आया है।

बच्चों के व्यवहारिक व विकासात्मक स्वास्थ्य (Paediatric Behavioural Health) पर काम करने वाले प्रमुख हेल्थटेक प्लेटफॉर्म 'बटरफ्लाई लर्निंग्स' (Butterfly Learnings) ने अपने प्री-सीरीज बी (Pre-Series B) फंडिंग राउंड में सफलतापूर्वक ₹65 करोड़ की पूंजी जुटाई है।

इस निवेश का नेतृत्व अग्रणी वेंचर कैपिटल फर्म इन्फ्लेक्सर वेंचर्स (Inflexor Ventures) ने किया है, जिसमें मौजूदा निवेशकों एनजिया वेंचर्स (Enzia Ventures), इंसिटोर पार्टनर्स (Insitor Partners) और IIMA वेंचर्स ने भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। ₹65 करोड़ की फंडिंग और देशव्यापी विस्तार की बड़ी योजना मुंबई आधारित इस स्टार्टअप द्वारा जुटाई गई इस नई पूंजी का मुख्य उद्देश्य महाराष्ट्र से बाहर निकलकर पूरे भारत में अपने फिजिकल चाइल्ड थेरेपी सेंटर्स के नेटवर्क का आक्रामक विस्तार करना है।

कंपनी वर्तमान में देश के 22 से अधिक प्रमुख शहरों में 90 से ज्यादा अत्याधुनिक थेरेपी सेंटर्स का संचालन कर रही है।

इस नए फंड की मदद से उत्तर भारत, दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों के टियर-1 व टियर-2 शहरों में सैकड़ों नए क्लीनिकल सेंटर्स खोले जाएंगे, जिससे छोटे शहरों के अभिभावकों को अपने बच्चों की थेरेपी के लिए बड़े महानगरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी।

भारत में 4.5 करोड़ बच्चों की जरूरत: क्यों अहम है यह कदम स्वास्थ्य आंकड़ों के अनुसार, भारत में लगभग 4.5 करोड़ बच्चे न्यूरोडेवलपमेंटल विकारों के साथ जी रहे हैं।

इसके बावजूद देश में योग्य थेरेपिस्ट्स की कमी, देर से होने वाला डायग्नोसिस (पहचान) और इलाज के बिखरे हुए विकल्पों (Fragmentation) के कारण केवल एक छोटा हिस्सा ही समय पर सही थेरेपी प्राप्त कर पाता है।

बच्चों के शुरुआती मस्तिष्क विकास (Early Brain Development) के दौरान दी जाने वाली सही थेरेपी उनके भविष्य को पूरी तरह सामान्य और आत्मनिर्भर बनाने में सबसे कारगर साबित होती है।

बटरफ्लाई लर्निंग्स का मॉडल क्लीनिकल थेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, स्पीच थेरेपी, बिहेवियरल थेरेपी और समावेशी शिक्षा (Inclusive Schooling) को एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराता है। 1 साल की उम्र में ऑटिज्म पहचान: 'Get SET Early' पेटेंटेड तकनीक इस फंडिंग का एक बड़ा हिस्सा कंपनी अपनी अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और पेटेंटेड आई-ट्रैकिंग स्क्रीनिंग तकनीक 'Get SET Early' को पूरे देश में तैनात करने पर खर्च करेगी।

CDSCO से मान्यता प्राप्त: केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) से मंजूरी प्राप्त यह क्रांतिकारी तकनीक मात्र 1 वर्ष के छोटे बच्चों में भी ऑटिज्म के शुरुआती लक्षणों की सटीक पहचान कर सकती है।

अस्पतालों और बाल रोग विशेषज्ञों से साझेदारी: कंपनी बड़े बाल अस्पतालों, पीडियाट्रिक क्लीनिकों और डॉक्टरों के साथ सीधा करार कर रही है, ताकि नियमित टीकाकरण और चेकअप के दौरान ही बच्चों की प्रारंभिक स्क्रीनिंग हो सके।

समय पर इंटरवेंशन: जितनी जल्दी विकार की पहचान होगी, उतनी ही जल्दी एप्लाइड बिहेवियर एनालिसिस (ABA) और अन्य थेरेपी शुरू करके बच्चे के मानसिक और सामाजिक कौशल को सुधारा जा सकेगा।

एशिया का एकमात्र BHCOE मान्यता प्राप्त थेरेपिस्ट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट भारत में ऑटिज्म केयर के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा प्रशिक्षित और प्रमाणित थेरेपिस्ट्स की भारी किल्लत है।

बटरफ्लाई लर्निंग्स एशिया का एकमात्र 'बिहेवियरल हेल्थ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' (BHCOE) से मान्यता प्राप्त इन-हाउस थेरेपिस्ट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट संचालित करता है।

इस फंड के जरिए कंपनी सैकड़ों नए क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, स्पीच पैथोलॉजिस्ट और बिहेवियर थेरेपिस्ट्स को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर प्रशिक्षित करेगी, जिससे देश भर के क्लीनिक्स में कुशल डॉक्टरों और विशेषज्ञों की स्थायी उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

फाउंडर्स का विजन: न्यूरोडाइवर्जेंट बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ना पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सोनम कोठारी और हेल्थकेयर आंत्रप्रेन्योर डॉ. अभिषेक सेन द्वारा 2021 में स्थापित बटरफ्लाई लर्निंग्स ने बेहद कम समय में देश के सबसे भरोसेमंद पीडियाट्रिक बिहेवियरल हेल्थ नेटवर्क के रूप में पहचान बनाई है।

संस्थापकों का कहना है कि जब कोई परिवार ऑटिज्म या एडीएचडी की समस्या से गुजरता है, तो उसे दर-दर भटकना पड़ता है। हमारा लक्ष्य एक ऐसा डेटा-ड्रिवन और सहानुभूतिपूर्ण इकोसिस्टम बनाना है जहां हर बच्चे को पारदर्शी, वैज्ञानिक और किफायती इलाज मिल सके।

📡 स्रोत: NewsData.io

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