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अवैध निर्माण और जमीन के गलत इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
अवैध निर्माण और जमीन के गलत इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त

सितंबर 26, नई दिल्ली: देश भर में अवैध निर्माण और जमीन के गलत इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त निर्देश दिए हैं। शीर्ष अदालत ने सभी राज्यों के अधिकारियों से कहा है कि रिहायशी इलाकों में नियमों के खिलाफ चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को रोकने को प्राथमिकता दी जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर किसी जमीन या मकान को सिर्फ आवासीय उपयोग के लिए मंजूरी मिली है, लेकिन वहां दुकान, ऑफिस या अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं, तो पहली कार्रवाई के तौर पर उस परिसर को सील किया जा सकता है।

अदालत ने स्पष्ट किया कि संपत्ति से जुड़ा कोई मालिकाना हक या अन्य विवाद अगर कोर्ट में लंबित है, तो केवल इस आधार पर सीलिंग की कार्रवाई नहीं रोकी जाएगी। अगर भवन या जमीन का इस्तेमाल तय उद्देश्य के विपरीत पाया जाता है, तो अधिकारी कार्रवाई कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को चुनिंदा कार्रवाई यानी "पिक एंड चूज" से बचने की हिदायत दी है।

अदालत ने कहा कि समान परिस्थितियों वाले मामलों में एक समान तरीके से कार्रवाई होनी चाहिए। अगर कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है और समान मामलों में दूसरों को छोड़ दिया जाता है, तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। FILE PHOTO

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।