अयोध्या में निषाद छात्रावास पर कथित कब्जे का आरोप:सरकार से कार्रवाई की मांग, समिति ने सौंपा प्रार्थना पत्र
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →अयोध्या रामनगरी में निषाद समाज के छात्रावास पर कथित अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। महर्षि वेद व्यास सेवा संस्थान समिति ने प्रदेश सरकार और प्रशासन को प्रार्थना पत्र देकर निषाद छात्रावास और एकलव्य छात्रावास को कब्जामुक्त कराने की मांग की है। समिति के अनुसार दोनों छात्रावास राम जन्मभूमि थाना क्षेत्र में रामलला खेल वाटिका आश्रम के सामने नजूल भूमि के गाटा संख्या-109 पर बने हैं।
प्रार्थना पत्र में दावा किया गया है कि निषाद छात्रावास का निर्माण वित्तीय वर्ष 2010-11 में विधानसभा क्षेत्र विकास निधि से करीब 5.48 लाख रुपए की लागत से कराया गया था। इसमें 39×16 फीट का हॉल, लॉजिंग और बाथरूम समेत अन्य निर्माण कार्य हुए थे। सरकारी धन से बना था एकलव्य छात्रावास समिति ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2011-12 में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के माध्यम से एकलव्य छात्रावास का निर्माण शुरू हुआ।
पहली किस्त के रूप में तीन लाख रुपए जारी किए गए, लेकिन दूसरी किस्त नहीं मिलने से निर्माण अधूरा रह गया। बाद में भवन संस्था को हस्तांतरित किए जाने का दावा किया गया है। लॉकडाउन में कब्जे का आरोप एकलव्य छात्रावास के अध्यक्ष मनीराम निषाद ने आरोप लगाया कि कोरोना लॉकडाउन के दौरान छात्र घर चले गए थे।
इसी दौरान मथुरा-वृंदावन निवासी अमरदास चेला सुत्तिछण दास और उनके साथियों पर छात्रावास में कथित कब्जा करने का आरोप लगाया गया। उनका कहना है कि कई बार कब्जा हटाने का प्रयास किया गया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। प्रभावशाली लोगों के हस्तक्षेप का भी आरोप लगाया गया है। उपाध्यक्ष हेमंत निषाद ने कहा कि यहां गरीब और जरूरतमंद छात्रों को नि:शुल्क रहने-पढ़ने की सुविधा मिलती थी।
उन्होंने चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं हुई तो 2027 के विधानसभा चुनाव में निषाद समाज इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगा। समिति ने निष्पक्ष जांच कर छात्रावास को कब्जामुक्त कराने की मांग की है।
📡 स्रोत: NewsData.io