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बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर में नहीं होता रावण दहन

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 19 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर में नहीं होता रावण दहन

बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर में नहीं होता रावण दहन, रावण ने ही यहां बाबा भोलेनाथ के शिवलिंग की स्थापना की थी, जिस कारण से देवघर को मिली वैश्विक प्रसिद्धि।

Short Headline: बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर में नहीं होता रावण दहन

19 अक्टूबर, देवघर: विजयादशमी पर देशभर में रावण दहन की परंपरा है, लेकिन बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर में रावण का पुतला नहीं होता। इसके पीछे धार्मिक आस्था और बाबा बैद्यनाथ धाम से जुड़ी पौराणिक मान्यताएं है। मान्यता है कि रावण ने ही यहां बाबा भोलेनाथ के शिवलिंग की स्थापना की थी, जिस कारण से देवघर की पहचान विश्व प्रसिद्ध बैद्यनाथ धाम के रूप में बनी। यही वजह है कि यहां रावण को पूजनीय माना जाता है और उनका पुतला दहन नहीं किया जाता।

तीर्थ पुरोहित बाबा झा ने बताया कि रावण महाज्ञानी होने के साथ भगवान शिव का परम भक्त था। मान्यता है कि रावण द्वारा यहां शिवलिंग स्थापित किए जाने के कारण यह स्थान ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रसिद्ध हुआ। बाबा बैद्यनाथ धाम से जुड़ी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में भी रावण का उल्लेख मिलता है। स्थानीय लोगों की आस्था है कि बाबा भोलेनाथ की नगरी देवघर की पहचान और यहां की आजीविका भी इस धाम से जुड़ी है। इसी मान्यता के चलते देवघर में रावण का पुतला दहन नहीं किया जाता।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।