बाबा बालक नाथ जी की तपोभूमि में चरणगंगा स्थल का होगा सौंदर्यीकरण, श्रद्धालुओं को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
अगस्त 25, बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश): शाहतलाई स्थित बाबा बालक नाथ जी की तपोभूमि में श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े पवित्र चरणगंगा स्थल का व्यापक सौंदर्यीकरण एवं विकास किया जाएगा। मंदिर न्यास द्वारा करीब 75 लाख रुपये की लागत से यहां श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
प्रस्तावित योजना में विशेष रूप से महिला श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता दी गई है, ताकि उन्हें स्नान एवं कपड़े बदलने के लिए खुले में जाने की परेशानी न हो।
इसी कड़ी में सोमवार देर शाम उपायुक्त एवं मंदिर न्यास आयुक्त राहुल कुमार ने मंदिर न्यास अध्यक्ष एवं एसडीएम झंडूता आर्शिया शर्मा, मंदिर न्यास प्रभारी एवं सहायक अभियंता विजय ठाकुर, जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता, मंदिर न्यासियों तथा संबंधित अधिकारियों के साथ चरणगंगा स्थल का निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने प्रस्तावित निर्माण कार्यों और श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध करवाई जाने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त राहुल कुमार ने प्रस्तावित योजना की सराहना करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए।
उन्होंने चैत्र मास मेले से पहले सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि मेले के दौरान देश के विभिन्न क्षेत्रों से शाहतलाई पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को इन आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिल सके। करीब 75 लाख रुपये की विकास योजना के तहत चरण गंगा स्थल पर 50 हजार लीटर क्षमता का पानी का टैंक बनाया जाएगा।
श्रद्धालुओं को पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए करीब पांच इंच व्यास की पाइपलाइन भी बिछाई जाएगी। महिला श्रद्धालुओं के लिए अलग एवं आधुनिक स्नान तथा कपड़े बदलने की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
वहीं, पुरुष श्रद्धालुओं के लिए स्नान करने तथा हाथ-मुंह धोने की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए स्वच्छ पानी का तालाब विकसित किया जाएगा। चरण गंगा परिसर को आकर्षक, सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाने के लिए स्नानघर के दोनों ओर साइड वॉल का निर्माण किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त पूरे परिसर में 16 सोलर लाइटें स्थापित की जाएगी, जिससे शाम और रात के समय श्रद्धालुओं को बेहतर लाइट व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी।
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जाएं।