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बाबूलाल मरांडी ने कपिल सिब्बल को पत्र लिखकर न्यायपालिका पर दिए बयानों और दोहरे मापदंडों पर उठाए सवाल

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 12 अक्टूबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बाबूलाल मरांडी ने कपिल सिब्बल को पत्र लिखकर न्यायपालिका पर दिए बयानों और दोहरे मापदंडों पर उठाए सवाल

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कपिल सिब्बल को पत्र लिखकर न्यायपालिका पर उनके बयानों, कथित दोहरे मापदंडों और झारखंड सरकार से कानूनी फीस व खर्चों के विवरण पर सवाल उठाए।

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12 अक्टूबर, रांची: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल को पत्र लिखकर न्यायपालिका के प्रति उनके बयानों और कथित दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाए हैं। श्री मरांडी ने पत्र में आरोप लगाया है कि अनुकूल फैसला आने पर न्यायिक व्यवस्था पर भरोसा जताना और प्रतिकूल स्थिति में न्यायपालिका की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना विरोधाभासी है।

बाबूलाल मरांडी ने पत्र में 21 फरवरी 2024 को लिखे अपने पिछले पत्र का भी उल्लेख किया है। उन्होंने कपिल सिब्बल से न्यायपालिका के प्रति उनके रुख को स्पष्ट करने की अपेक्षा जताई है। साथ ही, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ सिब्बल के पॉडकास्ट में उनके विरुद्ध कथित पीएमएलए मामलों को लेकर किए गए दावों पर भी आपत्ति दर्ज कराई है। श्री मरांडी ने कहा है कि उन्होंने 23 फरवरी 2024 को सार्वजनिक रूप से इन दावों का खंडन किया था।

पत्र में बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार की ओर से विभिन्न मामलों में कपिल सिब्बल की पैरवी, उनकी फीस और संबंधित खर्चों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने जनवरी 2020 से झारखंड सरकार और संबंधित मामलों में फीस, कानूनी सलाह तथा चार्टर्ड विमान के खर्चों के मद में प्राप्त राशि का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग दोहराई है। इसके अलावा, गरीब, दलित और आदिवासी परिवारों को निःशुल्क कानूनी सहायता देने में उनकी भूमिका पर भी सवाल किया है।

नेता प्रतिपक्ष ने अपने पत्र में कहा है कि राजनीतिक नेता, अधिवक्ता और पॉडकास्टर की भूमिका निभाते हुए संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जवाबदेही और निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कपिल सिब्बल से पत्र में उठाए गए सवालों और आरोपों पर स्पष्ट जवाब देने की अपेक्षा जताई है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।