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बच्ची का नाम बदलने हाईकोर्ट पहुंचा परिवार:‘लक्ष्मी’ की जगह ‘वीणा’ रखने की मांग; बोले- ज्योतिष के मुताबिक ज्यादा शुभ, कर्नाटक HC ने दी मंजूरी

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 8 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बच्ची का नाम बदलने हाईकोर्ट पहुंचा परिवार:‘लक्ष्मी’ की जगह ‘वीणा’ रखने की मांग; बोले- ज्योतिष के मुताबिक ज्यादा शुभ, कर्नाटक HC ने दी मंजूरी

कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक नाबालिग बच्ची का नाम बदलने की मंजूरी दी है। बच्ची के माता-पिता ने उसका नाम ‘लक्ष्मी एन.’ से बदलकर ‘वीणा एन.’ करने की मांग की थी। परिवार का कहना था कि ज्योतिष और अंकशास्त्र की मान्यता के मुताबिक ‘वीणा’ नाम बच्ची के लिए ज्यादा शुभ रहेगा। मामला उस समय हाईकोर्ट पहुंचा, जब सिविल कोर्ट ने परिवार की याचिका खारिज कर दी थी।

इसके बाद बच्ची के पिता ने हाईकोर्ट में अपील की। जस्टिस हंचाटे संजीवकुमार ने निचली अदालत का फैसला रद्द करते हुए नाम बदलने की मंजूरी दे दी। हाईकोर्ट ने कहा कि भारत में हर नागरिक को अपने नाम से पहचाने जाने का नागरिक अधिकार है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि नाम में सुधार या बदलाव के लिए सिविल कोर्ट में याचिका दायर की जा सकती है।

कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को स्कूल रिकॉर्ड में बच्ची का नाम ‘लक्ष्मी एन.’ से बदलकर ‘वीणा एन.’ करने का आदेश दिया। 2010 में हुआ था जन्म, नाम रखा था ‘लक्ष्मी’ कोर्ट के मुताबिक, बच्ची का जन्म 10 अक्टूबर 2010 को हुआ था। उसके नामकरण समारोह के दौरान माता-पिता ने उसका नाम ‘लक्ष्मी एन.’ रखा था।

बाद में उन्होंने ज्योतिष और अंकशास्त्र से जुड़ी अपनी मान्यताओं के आधार पर नाम बदलकर ‘वीणा एन.’ करने का फैसला किया। उनका मानना था कि नया नाम बच्ची के लिए ज्यादा शुभ होगा। बच्ची के पिता ने उसके प्राकृतिक अभिभावक के तौर पर सिविल कोर्ट में याचिका दायर की। इसमें स्कूल रिकॉर्ड समेत संबंधित दस्तावेजों में उसका नाम बदलने की मांग की गई थी।

सिविल कोर्ट ने याचिका क्यों खारिज की सिविल कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा था कि ‘वीणा एन.’ नाम इस्तेमाल किए जाने का कोई दस्तावेजी सबूत पेश नहीं किया गया। कोर्ट ने यह भी माना था कि परिवार ने स्कूल से नाम बदलने के लिए संपर्क नहीं किया था। इसके बाद परिवार ने हाईकोर्ट में अपील की। अपील के दौरान यह भी बताया गया कि नाम बदलने की जानकारी को लेकर अखबार में सार्वजनिक सूचना प्रकाशित की गई थी।

हाईकोर्ट ने कहा- नाम से पहचान नागरिक अधिकार हाईकोर्ट ने कहा कि हर नागरिक को अपने नाम से पहचाने जाने का अधिकार है। कोर्ट के मुताबिक, नाम में सुधार या बदलाव के लिए सिविल कोर्ट में मुकदमा दायर किया जा सकता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि स्कूल अपने स्तर पर किसी व्यक्ति का नाम बदलने का अधिकार नहीं रखता।

नाम बदलने के लिए सक्षम सिवि

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर एक नाबालिग बच्ची के नाम बदलने के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट की मंजूरी के बारे में है, जहाँ परिवार ने ज्योतिष के आधार पर ‘लक्ष्मी’ से ‘वीणा’ नाम बदलने की मांग की थी। यह विषय नामकरण के सांस्कृतिक और कानूनी पहलुओं को उजागर करता है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाता है कि भारतीय न्यायपालिका पारंपरिक मान्यताओं के साथ कैसे तालमेल बैठाती है और किस प्रकार परिवारों के व्यक्तिगत निर्णयों को कानूनी मान्यता देती है। इसका आम जनता पर असर यह हो सकता है कि नाम बदलने के मामलों में न्यायालयों की भूमिका स्पष्ट ह

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