राज्य

बड़ी इलायची की खेती बनेगी काश्तकारों के लिए रोजगार का नया माध्यम

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 1 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बड़ी इलायची की खेती बनेगी काश्तकारों के लिए रोजगार का नया माध्यम

01 सितम्बर 2026, चमोली: चमोली जिले में स्थित जड़ी-बूटी शोध संस्थान अब बड़ी इलायची की खेती को काश्तकारों के लिए रोजगार का नया माध्यम बनाने की दिशा में काम कर रहा है। बड़ी इलायची के उत्पादन के लिए चमोली के ऊंचाई वाले क्षेत्रों की जलवायु और मिट्टी को अनुकूल माना जा रहा है।

इसी को देखते हुए संस्थान में बड़ी इलायची के पौधे तैयार किए जा रहे हैं। पौधे तैयार होने के बाद इन्हें किसानों तक पहुंचाकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने की योजना है। अब तक 33 हजार से अधिक पौध वितरित किये गए है।

जड़ी-बूटी शोध संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. चंद्र प्रकाश कुनियाल के मुताबिक उत्तराखंड के सीमांत जनपदों में जमीन की नमी और जलवायु बड़ी इलायची के उत्पादन के लिए अनुकूल है। संस्थान की ओर से बड़ी इलायची के पौधे तैयार किए जा रहे हैं और बड़ी संख्या में किसानों को पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि बड़ी इलायची के पौधे तैयार होने में करीब तीन वर्ष का समय लगता है। एक बार पौधे में फल आना शुरू होने के बाद करीब 15 वर्षों तक इससे उत्पादन लिया जा सकता है। संस्थान की इस पहल से पहाड़ों में खेती को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।