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बड़ी कार्रवाई! ज्योलीकोट क्षेत्र में दूषित पेयजल आपूर्ति मामले में छह इंजीनियर सस्पेंड

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बड़ी कार्रवाई! ज्योलीकोट क्षेत्र में दूषित पेयजल आपूर्ति मामले में छह इंजीनियर सस्पेंड

22 सितम्बर 2026, देहरादून: प्रदेश सरकार ने जन स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले अफसरों के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। नैनीताल जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर ज्योलीकोट क्षेत्र में दूषित पेयजल आपूर्ति और अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने पर उत्तराखण्ड जल संस्थान और पेयजल निगम के छह वरिष्ठ और कनिष्ठ इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। राज्य में जन स्वास्थ्य से जुड़े किसी भी मामले में पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई की गई है।

इनमें जल संस्थान हल्द्वानी के प्रभारी अधीक्षण अभियंता, नैनीताल जलसंस्थान के सहायक अभियंता, अपर सहायक अभियंता, पेयजल निगम भीमताल के अधिशासी अभियंता, प्रभारी सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता शामिल हैं।

इसके अलावा नैनीताल जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

संलग्न- फाइल फोटो (पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड)

💡 पृष्ठभूमि (Background)

ज्योलीकोट क्षेत्र में दूषित पेयजल आपूर्ति की समस्या पर उत्तराखण्ड सरकार ने कार्रवाई की है। सरकार ने छह इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है, जो जल संस्थान और पेयजल निगम से जुड़े हैं। यह कदम जल सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस खबर का महत्व इसलिए है क्योंकि दूषित पानी से होने वाली बीमारियाँ और स्वास्थ्य जोखिम आम लोगों के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं। निलंबन से जल आपूर्ति की गुणवत्ता पर नजर रखने की ज़रूरत स्पष्ट होती है, जिससे जनता को सुरक्षित और स्वच्छ पान

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।