अपराध

बाड़ी के राजराजेश्वरी मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 19 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बाड़ी के राजराजेश्वरी मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब

धौलपुर के बाड़ी स्थित प्राचीन राजराजेश्वरी माता मंदिर में अष्टमी-नवमी पर अलसुबह से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। माता के जयकारों के बीच भक्तों ने पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की, वहीं सुरक्षा के लिए पुलिस मुस्तैद रही।

धौलपुर, 19 अक्टूबर। जिले के बाड़ी कस्बे में स्थित प्राचीन राजराजेश्वरी माता मंदिर में नवरात्र की अष्टमी और नवमी पर श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला। अलसुबह से ही माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। मंदिर परिसर में माता रानी के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा और बड़ी संख्या में भक्तों ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई।

नवरात्र के पावन अवसर पर श्रद्धालु मां राजराजेश्वरी की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की कामना कर रहे हैं। सुबह से ही मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों की आवाजाही बनी रही। अष्टमी और नवमी के अवसर पर मंदिर में विशेष धार्मिक उत्साह देखने को मिला। दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।

श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के माकूल इंतजाम किए गए हैं। पुलिसकर्मी व्यवस्था बनाए रखने और भक्तों की आवाजाही सुचारू रखने के लिए मुस्तैद रहे, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

बाड़ी के प्राचीन राजराजेश्वरी माता मंदिर में अष्टमी और नवमी के अवसर पर आस्था, भक्ति और धार्मिक उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। माता के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।

बाइट -1 -राजू शर्मा (पुजारी, राजराजेश्वरी कैला मंदिर

बाइट - 2 -राजेश गर्ग ( पूर्व अध्य्क्ष ट्रस्ट )

बाइट -3- महिला श्रद्धालु

बाइट - 4- राजकुमार शर्मा (श्रद्धालु)

बाइट - 5- जितेंद्र सिँह,(यातायात प्रभारी, बाड़ी)

💡 पृष्ठभूमि (Background)

बाड़ी के राजराजेश्वरी माता मंदिर में अष्टमी-नवमी पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी, जो नवरात्र के दौरान भक्ति और आस्था का प्रतीक है। यह घटना मंदिर की प्राचीन परंपरा और धार्मिक महत्व को दर्शाती है, जिससे क्षेत्रीय सांस्कृतिक पहचान मजबूत होती है। इसके महत्व को देखते हुए, यह खबर स्थानीय पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है, साथ ही सुरक्षा व्यवस्था और सार्वजनिक व्यवस्था पर भी ध्यान आकर्षित करती है।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।