विदेश

बदल गए इमिग्रेशन नियम, अमेरिका और कनाडा जाने वालों पर बड़ा असर

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 1 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बदल गए इमिग्रेशन नियम, अमेरिका और कनाडा जाने वालों पर बड़ा असर

सितंबर में विदेश जाने की तैयारी कर रहे भारतीयों के लिए कई बड़े बदलाव होने जा रहे हैं. अमेरिका में H-1B और L-1 वीजा एक्सटेंशन, छात्रों के रहने के नियम और ग्रीन कार्ड आवेदन की जांच में बदलाव होगा. वहीं बेल्जियम के फ्लान्डर्स इलाके में नया चार्ज लगेगा और साइप्रस में कुछ आवेदकों के लिए मेडिकल डॉक्यूमेंट्स जरूरी होंगे.

ऐसे में इस महीने आवेदन करने वालों को नए नियमों और तारीखों का खास ध्यान रखना होगा. 9 सितंबर से कुछ अमेरिकी कंपनियों को H-1B और L-1 स्टेटस एक्सटेंशन के लिए एकस्ट्रा फीस देनी होगी. H-1B के लिए ये फीस 4,000 डॉलर और L-1 के लिए 4,500 डॉलर होगी.

ये उन कंपनियों पर लागू होगी जिनके अमेरिका में कम से कम 50 कर्मचारी हैं और आधे से ज्यादा कर्मचारी H-1B, L-1A या L-1B स्टेटस पर हैं. ये फीस एक ही कंपनी में काम जारी रखने वाले कर्मचारी के एक्सटेंशन पर भी लग सकती है.

यह भी पढ़े: पाकिस्तान में महंगाई से भुखमरी की कगार पर लोग, दूध-मीट और गेहूं थाली से गायब छात्रों के लिए बदलेगा नियम

15 सितंबर से F-1 छात्रों और J-1 एक्सचेंज विजिटर्स के लिए ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस सिस्टम बदल जाएगा. अब छात्रों को I-94 पर एक फिक्स तारीख मिलेगी, जो आम तौर पर उनके प्रोग्राम के समय से जुड़ी होगी और 4 साल से ज्यादा नहीं होगी. ज्यादा समय की जरूरत पड़ने पर उन्हें स्टे बढ़ाने के लिए आवेदन करना पड़ सकता है.

छात्रों को अपने I-20 या DS-2019, OPT और ट्रैवल प्लान की भी जांच करनी चाहिए. Canada में भी बदलाव 1 सितंबर से कनाडा में छात्रों के स्टडी परमिट के लिए ज्यादा फंड दिखाना जरूरी होगा.

यानी भारतीय छात्रों को आवेदन करते समय अपनी फाइनेंशियल हालात का ज्यादा सबूत देना होगा. 15 सितंबर से Form I-539 और I-765 के नए वर्जन इस्तेमाल करने होंगे. इसके बाद पुराने फॉर्म से भेजे गए आवेदन USCIS रिजेक

📡 स्रोत: ABP Live Vyapar

📰 पूरी खबर पढ़ें (ABP Live Vyapar पर जाएं)
J
JKS News Desk

वॉयस ऑफ क्रांति की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।