बदायूं क्लब में दीवाली उत्सव और डांडिया नाइट का भव्य आयोजन
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बदायूं में दीपावली के अवसर पर बदायूं क्लब में दीवाली उत्सव और डांडिया नाइट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य विकास अधिकारी गामिनी सिंघला ने मां सरस्वती के सामने दीप जलाकर किया। इस दौरान क्लब के सदस्यों और उनके परिवारों ने रंगारंग कार्यक्रमों का आनंद लिया।कार्यक्रम में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए कई मनोरंजक खेल आयोजित किए गए।
बच्चों ने नृत्य प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। आर्यवी, साहन्वी और वाणी ने गणेश वंदना प्रस्तुत की। वहीं रेशमा, आयान, केशवी, विराज, अशेष, राघव खुराना और अविधा अरोरा ने शानदार नृत्य प्रस्तुतियां दीं।कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण डांडिया नाइट रही। प्रशांत सिंघल मंगल और गायिका ने एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत किए।
उनकी धुनों पर महिलाएं और पुरुष डांडिया करते हुए देर रात तक झूमते रहे। इसके अलावा हास्य कार्यक्रम और आतिशबाजी ने भी उत्सव में चार चांद लगा दिए।इस दौरान 'कौन बनेगा लखपति' लकी ड्रॉ का आयोजन किया गया। इसमें राजीव शर्मा ने पहला, क्षितिज शंखधार ने दूसरा और शरद रस्तोगी ने तीसरा पुरस्कार जीतावहीं समय बताओ प्रतियोगिता में डॉ.
संजीव गुप्ता विजेता रहे। अन्य खेलों में प्रदीप शर्मा और राहुल रस्तोगी ने जीत हासिल की।कार्यक्रम के अंत में क्लब की ओर से प्रतिभागियों को पुरस्कार दिए गए। क्लब के सचिव डॉ. अक्षत अशेष ने सभी अतिथियों और सदस्यों का आभार जताया।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
बदायूं क्लब में दीपावली के मौके पर आयोजित दीवाली उत्सव और डांडिया नाइट एक सांस्कृतिक कार्यक्रम है, जिसमें मुख्य विकास अधिकारी गामिनी सिंघला ने मां सरस्वती के सामने दीप जलाकर उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम समुदाय की एकजुटता और सांस्कृतिक परंपराओं को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह सभी उम्र के लोगों को एक साथ लाकर पारिवारिक और सामाजिक बंधन मजबूत करता है। ऐसी पहल से न केवल स्थानीय लोगों का मनोबल बढ़ता है, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि हो सकती है, जिससे आम जनता
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
दीवाली का सच्चा अर्थ है उजाला, न कि तमाशा। जब हम रंगों और खेलों में डूबते हैं, तो हमें याद रखना चाहिए कि समाज की एकता और सहिष्णुता ही सबसे बड़ा दीप है। अगर किसी को किसी भी प्रकार की असुविधा या संघर्ष का सामना करना पड़े, तो संवाद और कानूनी मार्ग अपनाना चाहिए, न कि हिंसा। इस पावन अवसर पर हम सभी को एक-दूसरे के प्रति सहानुभूति और समर्थन दिखाना चाहिए, ताकि हर दिल में शांति और प्रेम की रोशनी जल सके।