बाढ़ में डूबे 5 हजार स्कूल, 15 से परीक्षा...:बड़ा सवाल-3 लाख बच्चों की पढ़ाई ठप, एक-तिहाई कोर्स भी पूरा नहीं
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →बिहार में बाढ़ की विभीषिका के बीच शिक्षा विभाग का एक बेहद असंवेदनशील फैसला सामने आया है। राज्य में गंगा, कोसी और गंडक सहित कई नदियां उफान पर हैं, जिससे पटना, मुंगेर और भागलपुर समेत 13 जिलों के 5 हजार स्कूल बाढ़ के पानी में पूरी तरह डूब चुके हैं। पिछले एक महीने से करीब 3 लाख से अधिक छात्रों की पढ़ाई ठप है।
इसके बावजूद विभाग ने कक्षा 1 से 12वीं तक की परीक्षाओं का शेड्यूल घोषित कर दिया है। हैरान करने वाली बात यह है कि अब ये परीक्षाएं पंचायत भवनों, निजी घरों या खुले स्थानों पर होंगी, जहां बच्चों को बैठने के लिए खुद घर से दरी, चटाई या पॉलिथीन लानी होगी। तबाही और अव्यवस्था के बीच परीक्षा परीक्षाएं कब : पहली से 8वीं तक की अर्धवार्षिक परीक्षा 15 सितंबर से, 11वीं की त्रैमासिक और 12वीं की अर्धवार्षिक परीक्षा 18 से और 9वीं-10वीं की परीक्षा 21 सितंबर से।
12 से स्कूलों में कॉपियां पहुंचाने का निर्देश है। एक-तिहाई सिलेबस भी अधूरा : जुलाई में स्कूल शुरू होते ही शिक्षक ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए पटना मुख्यालय की दौड़ लगाते रहे और अगस्त में बाढ़ आ गई। इस वजह से सितंबर तक एक-तिहाई कोर्स भी पूरा नहीं हो सका है। सड़कें गायब, नाव ही सहारा : बाढ़ ग्रस्त इलाकों के करीब 3 हजार स्कूलों में रास्ते पूरी तरह बंद हैं।
छात्रों की कॉपियां-किताबें बाढ़ में भीग चुकी हैं और बिजली-पानी की भारी किल्लत है। ऐसे में तैयारी करना नामुमकिन है। इंतजाम होगा-मंत्री, समस्या होगी-संघ बिहार के सरकारी स्कूलों में परीक्षा के लिए तिथि जारी की गई है। जिन जगहों पर बाढ़ के कारण दिक्कत है, वहां उचित इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो सके।
-मिथिलेश तिवारी, शिक्षा मंत्री, बिहार बिहार के दर्जन भर से अधिक जिलों में बाढ़ है और स्कूल डूबे हैं। जिन जगहों पर स्कूल खुले भी हैं, वहां जलजमाव और टूटी सड़कों के कारण आवाजाही मुश्किल है। ऐसे में परीक्षा देने में छात्रों को भारी समस्या होगी। विभाग को इस दिशा में कार्रवाई करनी होगी। -आनंद मिश्रा, सचिव, बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ
📡 स्रोत: NewsData.io