बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा:कर्ज माफी, फसल मुआवजा और बिजली बिल माफी की मांग, आंदोलन की चेतावनी
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →रामपुर में भारतीय किसान यूनियन अंबावता ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित किसानों का कर्ज माफ करने, खराब फसलों का मुआवजा देने और बिजली के बिल माफ करने समेत कई मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहम्मद हनीफ वारसी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने दोपहर करीब दो बजे सिटी मजिस्ट्रेट को यह ज्ञापन दिया।
संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो जल्द ही बड़े आंदोलन की रणनीति बनाकर प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन से पहले एक पार्क में किसान पंचायत हुई। मोहम्मद हनीफ वारसी ने कहा कि जिन किसानों की फसलें बाढ़ से खराब हुई हैं, उनका सभी तरह का कर्ज माफ किया जाए। उन्हें खराब फसलों का उचित मुआवजा मिले, ताकि वे फिर से खेती कर सकें।
उन्होंने बताया कि फसल बर्बाद होने के बाद किसान बैंक और साहूकार के कर्ज में डूब जाता है, जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो जाता है। ज्ञापन में बाढ़ प्रभावित किसानों के बिजली के बिल माफ करने की मांग की गई है। इसके अलावा, पशुओं के लिए मुफ्त चारे की व्यवस्था, किसानों के बच्चों की पढ़ाई की फीस माफ करने और प्रभावित परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा देने की भी मांग शामिल है।
बाढ़ से टूटे मकानों और दूसरी संपत्तियों का सर्वे कराकर नियमानुसार मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई। पंचायत के बाद किसान नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। बरेली से आए संगठन के राष्ट्रीय महासचिव हिसार खान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट की सीढ़ियों पर प्रदर्शन किया। हिसार खान ने गन्ना किसानों की समस्याओं का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने बरेली में एक बड़ी किसान महापंचायत करने की बात कही। वारसी ने दोहराया कि अगर सरकार ने किसानों की समस्याओं का हल नहीं किया, तो संगठन आंदोलन को और बड़ा करेगा। इस प्रदर्शन में हड़ताल सिंह यादव, शकील अहमद, अजीम अली, फुरकान अली खान, इसरार अली, इरफान अली समेत कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
📡 स्रोत: NewsData.io