बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार ग्राउंड जीरो पर उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, ग्रामीणों से किया आत्मीय संवाद और जमीनी निरीक्षण

लक्ष्मणपुर, मैरहा टोला, लोही, भटलो और कोठी समेत प्रभावित गांवों का किया निरीक्षण; बिजली, सड़क, संचार और स्वास्थ्य सुविधाएं जल्द बहाल करने के निर्देश
भोपाल, 26 अगस्त 2026। रीवा जिले में पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश और नदियों के उफान के बाद बने जलभराव के हालात के बीच उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
बुधवार को उन्होंने जिले के कई प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर राहत एवं व्यवस्थाओं की स्थिति देखी और ग्रामीणों से सीधे संवाद किया।

उप मुख्यमंत्री ने ग्राम लक्ष्मणपुर, मैरहा टोला, लोही, भटलो और कोठी सहित आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित ग्रामीणों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर बारिश और जलभराव से हुए नुकसान की जानकारी ली।

ग्रामीणों से संवाद के दौरान श्री शुक्ल ने कहा कि यह कठिन समय है, लेकिन सरकार पूरी मजबूती के साथ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी नागरिक को बेसहारा नहीं रहने दिया जाएगा और जरूरतमंद परिवारों तक हर संभव सहायता जल्द पहुंचाई जाएगी।

बुनियादी सुविधाओं की बहाली पर जोर
मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को उप मुख्यमंत्री ने प्रभावित गांवों में बिजली, सड़क, संचार और स्वास्थ्य सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने राहत कार्यों में तेजी लाने के साथ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखने पर भी जोर दिया।

जलभराव के बाद स्वास्थ्य सुरक्षा पर विशेष ध्यान
जलभराव के बाद संभावित बीमारियों को देखते हुए उप मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन को विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर स्वास्थ्य परीक्षण कराने और पर्याप्त मात्रा में दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने ग्रामीणों के लिए शुद्ध पेयजल के टैंकरों की व्यवस्था करने तथा जल स्रोतों का क्लोरीनीकरण कराने के निर्देश भी दिए, ताकि दूषित पानी से होने वाली संक्रामक बीमारियों की आशंका को कम किया जा सके।

उप मुख्यमंत्री के लगातार क्षेत्रीय दौरों के दौरान प्रशासनिक अमला भी प्रभावित इलाकों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। सरकार की प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के साथ-साथ आवश्यक सेवाओं को सामान्य स्थिति में वापस लाना है।