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बाढ़ की त्रासदी में संवेदना का चेहरा बने उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, ऑटो चालक समीर के शोकाकुल परिवार के बीच पहुंचकर दिया सहारा

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 27 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बाढ़ की त्रासदी में संवेदना का चेहरा बने उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, ऑटो चालक समीर के शोकाकुल परिवार के बीच पहुंचकर दिया सहारा

शोकाकुल परिजनों से घर पहुंचकर की मुलाकात, आर्थिक सहयोग और तत्काल आकस्मिक सहायता उपलब्ध कराने के दिए निर्देश

रीवा, 27 अगस्त 2026। रीवा शहर के वार्ड क्रमांक 23, अमहिया क्षेत्र में हाल ही में आई बाढ़ के दौरान हुए हादसे में ऑटो चालक समीर के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

घटना की जानकारी मिलते ही उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने संवेदनशीलता दिखाते हुए पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया।

परिजनों के बीच उपमुख्यमंत्री
परिजनों के बीच उपमुख्यमंत्री

बताया गया कि कब्रिस्तान के पीछे रहने वाले समीर के घर में बाढ़ का करीब 4 फीट पानी भर गया था। जलभराव के दौरान अचानक घर की दीवार गिरने से समीर के सिर में गंभीर चोट आई, जिसके चलते उनका दुखद निधन हो गया। समीर परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे और ऑटो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे।

परिजनों को भरोसा—संकट की घड़ी में सरकार साथ

पीड़ित परिवार के बीच पहुंचे उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने समीर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

पीड़ित परिवार के नुकसान का जायज़ा लेते उपमुख्यमंत्री
पीड़ित परिवार के नुकसान का जायज़ा लेते उपमुख्यमंत्री

श्री शुक्ल ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में शासन-प्रशासन उनके साथ खड़ा है और परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने मौके पर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहयोग एवं आकस्मिक सहायता राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो।

उप मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवार की परिस्थितियों को देखते हुए सहायता को प्राथमिकता के साथ उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

बाढ़ की विभीषिका के बीच एक परिवार के अपने कमाने वाले सदस्य को खो देने की पीड़ा के समय उप मुख्यमंत्री का स्वयं पीड़ित परिवार के घर पहुंचना और अधिकारियों को तत्काल सहायता के निर्देश देना प्रशासनिक संवेदनशीलता का परिचय रहा।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।