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बहादुरपुर बीडीओ आनंद कुमार के 5 ठिकानों पर ईओयू छापा:गाड़ियों के शौकीन बीडीओ ने 12 साल की नौकरी में 1.72 करोड़ की संपत्ति बनाई

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 9 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बहादुरपुर बीडीओ आनंद कुमार के 5 ठिकानों पर ईओयू छापा:गाड़ियों के शौकीन बीडीओ ने 12 साल की नौकरी में 1.72 करोड़ की संपत्ति बनाई

दरभंगा के बहादुरपुर प्रखंड के बीडीओ आनंद कुमार विभूति के खिलाफ ईओयू (आर्थिक अपराध इकाई) ने आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया है। टीम ने उनके दानापुर, दरभंगा, मोतिहारी और मुजफ्फरपुर स्थित 5 ठिकानों पर छापेमारी की। वर्ष 2014 में बीडीओ बने आनंद की नौकरी को 12 साल हुए हैं। इससे पहले उनका पैतृक घर खपरैल था।

लेकिन बीडीओ बनते ही उन्होंने जमकर काली कमाई की। उन्होंने दानापुर और पैतृक गांव में 1 करोड़ से अधिक के आलीशान मकान व फ्लैट बना लिए हैं। जांच के अनुसार, बीडीओ के पास वैध आय से 1 करोड़ 71 लाख 84 हजार रुपए अधिक की संपत्ति है, जो उनकी वास्तविक आय से 121.87% अधिक है। बीडीओ गाड़ियों के बेहद शौकीन हैं।

उनके परिवार में 5 सदस्य हैं। 4 के लिए एक-एक गाड़ी है। छापेमारी में 20 लाख की इनोवा के अलावा क्रिस्टा, स्कॉर्पियो व दो अन्य चार पहिया गाड़ियों के कागजात मिले हैं। बीडीओ ने काली कमाई खपाने के लिए अपनी गृहिणी पत्नी रितु आनंद के नाम पर पटना से मोतिहारी तक 7 संपत्तियां खरीदीं। मोतिहारी के थरघटवा में नकद लेनदेन से जमीनें रजिस्ट्री कराई गईं।

उन्होंने अपने नाम पर 70 लाख रुपए का म्यूचुअल फंड में भी निवेश किया है। 16 बैंक खाते मिले...

जिन्हें फ्रीज किया गया 17 जमीन-जायदाद के दस्तावेज: बीडीओ व पत्नी के नाम पर जमीनों के कागजात मिले। इसमें मुजफ्फरपुर में 41.25 लाख का प्लॉट और दानापुर में 30 लाख का फ्लैट शामिल है। गाड़ियां व कागजात: 20 लाख की इनोवा कार समेत क्रिस्टा, स्कॉर्पियो और दो अन्य वाहनों के दस्तावेज। बैंक खाते व लॉकर: बीडीओ और उनके परिजनों के कुल 16 बैंक खाते मिले हैं, जिन्हें फ्रीज कर दिया गया है।

एक लॉकर के कागजात भी मिले हैं। आभूषणों के इनवॉइस: ईओयू की टीम को सोने-चांदी के आभूषणों की खरीद से जुड़े कई इनवॉइस मिले हैं।ॉ घोषणापत्र बनाम ईओयू की प्राथमिकी जमीन का विवरण बीडीओ ने 2025-26 के संपत्ति घोषणापत्र में जमीन का कॉलम ‘निल’ लिखा, जबकि ईओयू की प्राथमिकी में मुजफ्फरपुर में 41.25 लाख का प्लॉट मिला।

पत्नी के नाम संपत्ति घोषणापत्र में पत्नी रितु आनंद के नाम केवल 10.50 कट्ठा जमीन दिखाई, जबकि एफआईआर में मोतिहारी से पटना तक 7 प्लॉट व फ्लैट मिले। मकांन निर्माण खर्च घोषणापत्र में लालबेगिया के मकान को केवल ‘शेयर इन रेसिडेंशियल बिल्डिंग’ बताया, जबकि एफआईआर में इसपर 70 लाख खर्च का खुलासा हुआ।

म्यूचुअल फंड निवेश घोषणापत्र में खुद का निवेश 14.03 लाख रुपये बताया, जबकि एफआईआर में विभिन्न म्यूचुअल फंडों में 70 लाख रुपये का निवेश सामने आया। नकद लेनदेन और अंडरवैल्यू रजिस्ट्री बीडीओ ने काली कमाई खपाने के लिए अपनी गृहिणी पत्नी रितु आनंद के नाम पर संपत्तियां खरीदीं। सरकारी दर से कम पर जमीनों की रजिस्ट्री कराई गई।

जमीन के कागजातों में पेमेंट डिटेल गायब रखकर सीधे नकद (कैश) लेनदेन किया गया ताकि कोई बैंक ट्रेल न पकड़ा जा सके। ईओयू ने प्राथमिकी और काली कमाई के दस्तावेज ग्रामीण विकास विभाग को भेज दिए हैं, जहां जल्द उनपर बड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

📡 स्रोत: NewsData.io

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