बहू ने कहा था-ससुर को मार दो, 6 लाख दूंगी:कानपुर में नौकर को गजरा देने के बहाने बुलाया; पढ़िए कैसे मर्डर की साजिश रची
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
20 दिन पहले शालू भाभी ने मुझे बुलाया। कहा- मेरे ससुर विनीत मिनोचा की हत्या कर दो या एक्सीडेंट करा दो। बदले में 6 लाख रुपए दूंगी। मैंने मना किया तो बोलीं- डरो नहीं, मैं तुम्हारे साथ हूं। एक्सीडेंट के लिए तैयार नहीं था, तो उन्होंने कहा- सोते समय तकिए से मुंह दबा देना। लोगों को हार्टअटैक से मौत लगेगी।
काम के बाद तुम्हें नौकरी पर रख लूंगी। यह कहना है विनीत मिनोचा की हत्या के आरोपी विशाल का। उसने बताया कि इसके बाद दोस्त राजकिशोर को प्लान में शामिल किया। 30 हजार रुपए देने का लालच दिया। शालू भाभी ने मुझसे कहा कि मुझे गजरा देने के बहाने अपार्टमेंट आना। सिक्योरिटी गार्ड को अपना नाम विशाल की जगह शिवम बताना।
प्लान के मुताबिक, 5 सितंबर की रात दोनों अपार्टमेंट पहुंचे। शालू को गजरा दिया। उसने दोनों को विनीत के कमरे में छिपा दिया और पति सुब्रत और बेटे के साथ किटी पार्टी में चली गई। दोनों कारोबारी के सोने के बाद तकिए से मुंह दबाने वाले थे, लेकिन कमरे में पहुंचते ही विनीत ने लाइट जला दी और दोनों को देख लिया।
इसके बाद दोनों ने चाकू से हमला कर उनकी हत्या कर दी। बाथरूम में हाथ-पैर धोकर वहां से निकल गए। दरअसल, कल्याणपुर के रतन आर्बिट अपार्टमेंट में शनिवार रात 11:28 बजे विनीत की उनके फ्लैट में हत्या हुई थी। रविवार तड़के 3 बजे परिवार के लौटने पर बेडरूम में उनका शव मिला। CCTV में दोनों आरोपी नजर आए थे।
पुलिस ने मुठभेड़ के बाद विशाल और राजकिशोर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में शालू के कहने पर हत्या करने की बात सामने आई। पुलिस ने सोमवार को शालू को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया आरोपी बोला- कर्ज था, इसलिए भाभी के कहने पर हत्या की पुलिस पूछताछ में विशाल ने बताया कि 4 साल पहले शालू भाभी के पति सुब्रत भैया के घर काम करता था।
फिर मुझे नौकरी से निकाल दिया। कुछ दिन दूसरी जगह काम किया। लेकिन 4 साल (2022) से बेरोजगार था। कभी-कभार सुब्रत भैया छोटे-मोटे काम के लिए बुला लेते थे। परिवार में छोटा भाई आकाश और मां सुशीला हैं। मुझ पर 2 लाख रुपए का कर्ज हो गया था। 20 दिन पहले मैं काम के सिलसिले में सुब्रत भैया के घर गया था।
तब घर पर भाभी थीं। उन्होंने बताया कि मैं अपने ससुर की हरकतों से परेशान हूं। बहुत रोक-टोक करते रहते हैं। घर में सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए हैं। पल-पल निगरानी करते रहते हैं। भाभी ने मुझे रुपए का लालच
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
हिंसा कभी समाधान नहीं होती। जब घर में विवाद हो, तो कानूनी मार्ग और मध्यस्थता से निपटना चाहिए। आर्थिक मतभेदों में अदालत का सहारा लें। गुस्से में आकर किसी को नुकसान पहुँचाना न केवल अपराध है, बल्कि समाज के मूल्यों को भी धूमिल करता है। हमें सहानुभूति और संवाद से समस्याओं का हल ढूंढना चाहिए, ताकि हर परिवार में शांति और सम्मान बना रहे।